Aapke Dar Ka Hu Naukar Shankar
नही पता कौन हु मैं, और कहां मुझे जाना हैं
शिव ही मेरी मंजिल है, और शिव का दर ही ठिकाना हैं
आपके दर का हु नौकर, शंकर
आपके दर का हु नौकर, शंकर
आपके दर का हु नौकर शंकर
आपका हाथ हैं , आपका हाथ हैं
आपका हाथ है सिर पर, शंकर
आपके बच्चों का गुलाम हु मैं
मुझको किस बात का हैं डर, शंकर
सारे दीवाने बांधे बैठे हैं
इक तेरा नाम ही सिर पर, शंकर
शिव शंकर भजमन हरे हरे
भज शंकर भजमन हरे हरे
आपसे मांगू आप ही दोगे
तेरा दीवाना है ज़िद पर, शंकर
सबको मुंह मांगा वर देते हो
आगया जो तेरे दर पर, शंकर
शिव शंकर के दर जो आया मुंह मांगा वो फल पाया हैं
उसको मिला है जी भर कर जो खाली झोली लाया हैं
तू अपनी बिगड़ी किस्मत को बाबा के दर पर लाके देख
जो बिगड़ी बना दे सब भक्तों की महादेव कहलाते हैं

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile