Aaja Teri Jyot Jagai Bhole Mere Nath
आजा तेरी ज्योत जगाई भोले मेरे नाथ
ओ मेरे स्वामी अंतर यामी
आजा तेरी ज्योत जगाई भोले मेरे नाथ
आजा तुझे गंगा जल से मैं निह्लादु
दूध की धारा तुझपे चडा दू
गिस गिस चंदन माथे लगा दू
लेके भस्म तेरे तन पे रमा दे
बस यही मन को भाई है भोले,
झूठी लगे इस जीवन की माया
अपना जिसे माना निकला पराया,
देता है धोखा अपना ही साया
चेहरे पे सब ने चेहरा लगाया,
कैसी तूने दुनिया बनाई भोले,
तेरा भगत तेरा रस्ता निहारे
आके मुझे भोले देदो सहारे,
कब से है रश्मी तुझको पुकारे
आन पढ़ी वो तेरे द्वारे
कहा तूने देर लगाई भोले,

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile