शिव शंभू की बारात का दृश्य जितना दिव्य है, उतना ही आनंददायक भी। जब भोलेनाथ जी अपनी बारात लेकर आते हैं, तब पूरा ब्रह्मांड उनकी महिमा का गुणगान करने लगता है। देवता, गंधर्व, योगी और भूत-प्रेत सभी इस अलौकिक विवाह यात्रा में शामिल होते हैं। आ गए आ गए भोलेनाथ जी बारात ले के भजन इसी आनंदमयी क्षण को हमारे सामने सजीव करता है, जहाँ शिव के भक्त उनकी बारात का स्वागत करने को आतुर हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से हम भी महादेव की इस अनुपम लीलाओं का दर्शन करें।
Aa Gaye Aa Gaye Bholenath Ji Barat Le Ke
आ गए आ गए भोलेनाथ जी,
बारात ले के,
बारात लेके शिवजी,
दूल्हा बनके,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।1।
शिवजी का है रूप निराला,
नागराज को गले में डाला,
शीश में जिनके समाई गंगा,
माथे चंदा दमके,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।2।
सभी देवगण बने बाराती,
भूत प्रेतों की टोली नाचती,
हिम नगरी में आज सभी ने,
मिलके लगाए ठुमके,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।3।
गोरा जी ने मन में ठानी,
दूल्हा बने मेरे औघड़ दानी,
कठिन तपस्या देखके शिवजी,
आए नन्दी चढ़के,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।4।
मैना हिमाचल भी हर्षाए,
शिव संग देवों के दर्शन पाए,
‘श्याम’ भजन संग रसिको ने,
नृत्य किया है जमके,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।5।
आ गए आ गए भोलेनाथ जी,
बारात ले के,
बारात लेके शिवजी,
दूल्हा बनके,
आ गए आ गए भोलेंनाथ जी,
बारात ले के।6।
महादेव की बारात केवल एक विवाह यात्रा नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के लिए शिव तत्व की अनुभूति है। उनकी कृपा से ही यह जीवन मंगलमय बनता है। यदि यह भजन आपके मन को शिवमय कर गया, तो गौरा हमरी खातिर एक लोटा भांग तू लाई दे, भोला शंकर बने मदारी डमरू दशरथ द्वार बजायो, शिवरात्रि का त्यौहार है और महाकाल की बारात में जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव भक्ति में रम जाएं। हर हर महादेव! ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile