शनि देव केवल न्याय के देवता ही नहीं, बल्कि अपने भक्तों के सच्चे रक्षक भी हैं। वे कर्मों के अनुसार फल देते हैं और सच्चे श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। शनि हैं बड़े महान भजन उनके दिव्य स्वरूप, करुणा और अपार शक्ति का गुणगान करता है। जो भी सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसे जीवन में सफलता और शांति प्राप्त होती है। आइए, इस भजन के माध्यम से शनि देव की महिमा को नमन करें।
Shani Hain Bade Mahan
शनि देव के बनो उपासक शनि है बड़े म्हाने रे
शनि की किरपा जब जब बरसे हो जाता कल्याण रे
शनि देव के बनो उपासक शनि है बड़े म्हाने रे
नो ग्रेह में ये श्रेष्ठ है सब से सूर्य पुत्र कहलाते
चार भुजा तन श्याम वर्ण है इनको सभी रिजाते
इनकी महिमा बड़ी अनोखी पूजे सकल जहान रे
शनि देव के बनो उपासक शनि है बड़े म्हाने रे
लोहा तिल और उग्र चड़ा के जो भी इन्हें रिजाते
श्रधा प्रेम से तेल चडा के जो भी ध्यान लगाते
उनकी भक्ति से खुश हो के दे देते वरदान रे
शनि की किरपा जब जब बरसे हो जाता कल्याण रे
वक्र है दृष्टि तनी है है भहुये न्याय धीश केहलाते,
वकर है दृष्टि तनी है भहुए न्याय धीश कहलाते
केवल भगतो के ये रक्षक दुष्ट सदा गब्राते
मात छाया के आज्ञाकारी दूर करे वीयवध्यान रे
शनि देव के बनो उपासक शनि है बड़े म्हाने रे
शनि देव की कृपा से जीवन की हर बाधा दूर होती है, और व्यक्ति अपने कर्मों के अनुसार उचित मार्ग प्राप्त करता है। उनकी उपासना करने से शत्रुओं का नाश होता है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। यदि यह भजन आपको प्रेरणादायक लगा, तो शनि चालीसा, शनि अष्टक, शनि स्तोत्र, और शनि देव की आरती को भी पढ़ें और शनि देव की असीम कृपा का अनुभव करें। ????