साँई ये नाव फँसी धारा कोई नही चारा भजन लिरिक्स

जीवन एक सागर की तरह है, जिसमें उतार-चढ़ाव और संघर्ष चलते रहते हैं। जब यह नैया मुश्किलों में फँस जाती है, तब साईं बाबा ही वह सहारा होते हैं, जो इसे पार लगाते हैं। साईं ये नाव फँसी धारा, कोई नहीं चारा भजन भक्त की पुकार और बाबा के प्रति उसकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। जब चारों ओर अंधकार छा जाता है और कोई रास्ता नहीं दिखता, तब केवल साईं बाबा का नाम ही रोशनी बनकर मार्गदर्शन करता है।

Sai Ye Nav Fansi Dhara Koi Nahi Chara Bhajan Lyrics

साँई ये नाव फँसी धारा,
कोई नही चारा,
आ के बचालो आ के बचालो,
बाबा बड़ा दूर है किनारा,
कोई न सहारा,
आ के बचालो आ के बचालो।।

टूटी फूटी नाव है मेरी,
तेज बहत है धारा,
कैसे ये उस पार लगे जब,
हो न खैवन हारा-२,
एक तू ही है सहारा,
बाबा अब हमारा,
आ के बचालो,
आ के बचालो,
साँई ये नाव फसी धारा,
कोई नही चारा,
आ के बचालो आ के बचालो।।

आँधी तूफाँ बहुत चलत है,
नैया इत उत डोले,
तू ही सहारा है दीनो का,
ऐसा जग ये बोले,
मेरी भी नैया पार करदे,
विपदा ये हर ले,
साँई बचालो आ के बचालो,
साँई ये नाव फसी धारा,
कोई नही चारा,
आ के बचालो आ के बचालो।।

पीछे जाऊँ तो घोर अँधेरा,
आगे भँवर बड़ी है,
सोच सोच कर मन घबराए,
सामने मौत खड़ी है,
साँई ये दास शरण तेरी,
लाज रखो मेरी,
आ के बचालो आ के बचालो,
साँई ये नाव फसी धारा,
कोई नही चारा,
आ के बचालो आ के बचालो।।

साँई ये नाव फँसी धारा,
कोई नही चारा,
आ के बचालो आ के बचालो,
बाबा बड़ा दूर है किनारा,
कोई न सहारा,
आ के बचालो आ के बचालो।।

साईं बाबा की भक्ति हमें हर कठिनाई से बाहर निकालती है और उनकी कृपा से सब असंभव भी संभव हो जाता है। जो साईं के दर पर सच्चे मन से आते हैं, वे कभी खाली हाथ नहीं लौटते। अगर आपको भी अपने जीवन की नैया पार लगानी है, तो इन भजनों को भी अवश्य पढ़ें: “साईं तेरी शिरडी का बड़ा सुंदर नजारा है”, “साईं राम जपो साईं श्याम जपो”, “तुम जो मेरे मन में बस जाओ साईं नाथ जी”, और “श्रद्धा सबूरी मन में रखो साईं वचन अनमोल”। साईं बाबा सब पर अपनी कृपा बनाए रखें! ????✨

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