ओ साईंनाथ, रख देना बाबा…— यह रिंगटोन एक ऐसी भावना को स्वर देती है, जिसमें एक भक्त अपने सारे जीवन का भार साईं बाबा के चरणों में सौंप देना चाहता है। यह कोई सामान्य विनती नहीं, बल्कि एक पूर्ण समर्पण की पुकार है, जो दिल से निकलकर साईं तक पहुँचती है। इसकी हर धुन में विश्वास है, अपनापन है और वह आंतरिक तड़प है जो केवल साईं के सच्चे भक्त ही समझ सकते हैं।
इस रिंगटोन में वह भाव समाया है जो हर साईं भक्त अपने अंतर्मन से कहता है — “बाबा, मुझे अपने साये में रख लो।” यदि आप भी ऐसी ही रचनाओं में सुकून पाते हैं, तो मेरा कुछ नहीं सब तूने ही दिया है साई रिंगटोन, नज़रों से गिराना नहीं रिंगटोन, कहना मत बाबा ये सबके सामने रिंगटोन को ज़रूर सुनें। ये सभी रिंगटोन साईं की कृपा, रक्षा और भरोसे की अनुभूति से भरी हुई हैं, जो हर सुनने वाले के दिल को सच्ची शांति देती हैं।
Note – यदि आपको अपने मोबाइल में रिंगटोन लगाने में कोई असुविधा हो रही है तो, हमने रिंगटोन लगाने की विधि को स्टेप बाई स्टेप बताया है – यहाँ चेक करें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म