आई मैं तेरे दर आया जो हार कर साईं…— यह रिंगटोन उन सभी भक्तों की आवाज़ है, जो अपने मन के संदेह और चुनौतियों को छोड़कर साईं बाबा के चरणों में पूर्ण समर्पण के साथ आते हैं। इसकी धुन में निराशा के बाद भी उम्मीद की किरण झलकती है, जो भक्त के दिल को साईं के प्रेम और दया की ओर खींचती है। यह रचना उस विश्वास का प्रतीक है जो हारकर भी जीत की ओर बढ़ता है।
हर कदम पर हार-जीत का खेल चलता रहता है, लेकिन जब साईं के दर पर हारकर भी आना पड़ता है, तो वह एक नई शुरुआत होती है। यह रिंगटोन उस भरोसे को जगाती है जो हर बाधा को पार कर साईं की कृपा से मिलती है। यदि आप इस भावना को और करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो साई तेरे चरणों की थोड़ी धुल रिंगटोन, साई साई बाबा साई रिंगटोन, तू ही सूरज है साईनाथ रिंगटोन को जरूर सुनें। ये धुनें आपके मन में नयी ऊर्जा और साईं के प्रति अटूट श्रद्धा भर देंगी।
Note – यदि आपको अपने मोबाइल में रिंगटोन लगाने में कोई असुविधा हो रही है तो, हमने रिंगटोन लगाने की विधि को स्टेप बाई स्टेप बताया है – यहाँ चेक करें।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म