Mil Raha Hai Pyar Kitna Dadi Tere Dham
मिल रहा है प्यार कितना दादी तेरे धाम,
क्यों रहु मैं दूर तुझसे प्यारी मेरी माँ,
चुनड़ी के पल्ले से छाव करदे माँ,
ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ,
तुझसे चलती नैया मेरी करती न परवाह तू मैया मेरी,
माझी बन जाए आके इक बार मेरी माँ,
ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ,
दुःख में सताये मैया याद ये तेरी,
लाज ये बचालो मैया आके ये मेरी,
दर पे आने वालो की तुम बात रखना,
ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ,
तू जगदम्बे माँ झुंझनू वाली,
जग सारा जाने तू शेरोवाली,
सुन ले मैया सुरभि पे तू किरपा करदे माँ,
ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ,

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile