Dhaniyadi Se Hum Baat Karte Hai
जब जब हम दादी का मंगल पाठ करते है,
साक्शात धनियाणी से हम बात करते है,
जो मंगल पाठ कराते है उनके रहते हर दम ठाठ,
यहाँ ये पाठ रहता है वह हो खुशियों की बरसात,
जब जब हम दादी की जय जय कार करते है
साक्शात धनियाणी से हम बात करते है,
कोई चूड़ा लाता है कोई चुनड़ी लाता है
कोई गजरा लाता है कोई मेहँदी लाता है,
जब जब हम दादी का शृंगार करते है,
साक्शात धनियाणी से हम बात करते है,
बधाई सब को मिलती ही खजाना हर कोई पाते है,
के दादी जी का कैलाशी मिल कर लाड लड़ाते है,
जब जब दादी की मन भार करते है,
साक्शात धनियाणी से हम बात करते है,

मैं शिवप्रिया पंडित, माँ शक्ति का एक अनन्य भक्त और विंध्येश्वरी देवी, शैलपुत्री माता और चिंतापूर्णी माता की कृपा से प्रेरित एक आध्यात्मिक साधक हूँ। मेरा उद्देश्य माँ के भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप, उपासना विधि और कृपा के महत्व से अवगत कराना है, ताकि वे अपनी श्रद्धा और भक्ति को और अधिक दृढ़ बना सकें। मेरे लेखों में इन देवी शक्तियों के स्तोत्र, चालीसा, आरती, मंत्र, कथा और पूजन विधियाँ शामिल होती हैं, ताकि हर भक्त माँ की आराधना सही विधि से कर सके और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर सके। जय माता दी! View Profile