यदि नाथ का नाम दयानिधि है भजन लिरिक्स

जब मन जीवन के संघर्षों से थक जाए और मार्गदर्शन की आवश्यकता हो, तब श्रीराम का नाम संजीवनी बनकर हमारे भीतर नया विश्वास जगाता है। यदि नाथ का नाम दयानिधि है भजन हमें यही अनुभूति कराता है। इस रचना के माध्यम से मैं, रोहन पंडित, आपके हृदय को यह संदेश देना चाहता हूँ कि दया, करुणा और क्षमा से परिपूर्ण राम जी के नाम में असीम शक्ति है। यह भजन हमें सिखाता है कि प्रभु राम का स्मरण करना ही समस्त दुखों का अंत है।

Yadi Nath Ka Naam Dayanidhi Hai

यदि नाथ का नाम दयानिधि है,
तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
दुखहारी हरी, दुखिया जन के,
दुख क्लेश हरेगें कभी ना कभी।।

जिस अंग की शोभा सुहावनी है,
जिस श्यामल रंग में मोहनी है
उस रूप सुधा से स्नेहियों के,
दृग प्याले भरेगें कभी ना कभी।।

जहां गिद्ध निषाद का आदर है,
जहाँ व्याध अजामिल का घर है
वही भेष बनाके उसी घर में,
हम जा ठहरेगें कभी ना कभी।।

करुणानिधि नाम सुनाया जिन्हें,
कर्णामृत पान कराया जिन्हें
सरकार अदालत में ये गवाह,
सभी गुजरेगें कभी ना कभी।।

हम द्वार में आपके आके पड़े,
मुद्दत से इसी है जिद पर अड़े
भव-सिंधु तरे जो बड़े से बड़े,
तो ये ‘बिन्दु’ तरेगें कभी ना कभी।।

यदि नाथ का नाम दयानिधि है,
तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
दुखहारी हरी, दुखिया जन के,
दुख क्लेश हरेगें कभी ना कभी।।

यदि नाथ का नाम दयानिधि है भजन, प्रभु श्रीराम की कृपा और दया पर अटूट विश्वास को दर्शाता है। यह हमें प्रेरणा देता है कि भले ही संसार में कोई हमारा साथ न दे, लेकिन श्रीराम का नाम हर परिस्थिति में हमारी ढाल बन जाता है। इसी भाव को और सुदृढ़ करने हेतु कब सुधि लोगे मेरे राम, प्रभु राम का सुमिरन कर हर दुःख मिट जाएगा, राम नाम का जादू दुनिया पे छा रहा है और हे आनंदघन मंगल भवन नाथ अमंगलहारी जैसे अन्य भजनों को भी ज़रूर पढ़ें और राम नाम का निरंतर जाप करें। जय श्रीराम!

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