भक्ति और श्रद्धा का रंग जब किसी के हृदय में बस जाता है, तो वह भगवा धारण कर प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन हो जाता है। सुनो जी हम भगवा वाले हैं भजन उसी अटूट भक्ति और समर्पण का प्रतीक है, जो हर राम भक्त के मन में उमंग और जोश भर देता है। यह भजन न केवल राम नाम के प्रति हमारी आस्था को दर्शाता है, बल्कि हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा भी देता है।
Suno Ji Ham Bhagava Wale Hain
राज तिलक की करो तैयारी,
राम जी आने वाले है।
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले है।
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।।
आगे आगे राम जी मेरे,
साथ में सीता मैया।
हनुमान की वानर सेना,
करती ता ता थैया।
हनुमान सा भक्त नहीं कोई,
हनुमान सा भक्त नहीं कोई।
लक्ष्मण जैसा भैया,
बड़े भोले भाले है।
सुनो जी ये अयोध्या वाले है,
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।।
सूरज चंदा बांटे बधाई।
देव लोक में खुशियाँ छाई,
सब मिलकर के नाच रहे है।
बाँट रहे है खूब मिठाई,
राम मंदिर यहाँ भव्य बनेगा।
राम मंदिर यहाँ भव्य बनेगा,
सबने आस लगाई।
हम राम दीवाने है,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।।
सदियों से था सपना अधुरा।
आज किया जो पूरा,
खुशहाली में झूम रहे है।
हर एक बच्चा बुढा,
‘किशन भगत’ ये भजन सुनाए।
हम सब मिल ये भजन सुनाए,
पार करो प्रभु नैया।
हम गाने वाले है,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।।
राज तिलक की करो तैयारी।
राम जी आने वाले है,
भगवा वाले हैं।
सुनो जी हम भगवा वाले है,
भगवा वाले हैं,
सुनो जी हम भगवा वाले हैं।।
भगवा रंग केवल वस्त्रों का नहीं, बल्कि यह हमारे हृदय और आत्मा की भक्ति का प्रतीक है। जो राम भक्त इस रंग को अपनाते हैं, वे सच्चे अर्थों में प्रभु श्री राम के चरणों में समर्पित हो जाते हैं। राम भक्ति के इसी प्रवाह को बनाए रखने के लिए राम लला जन्मे हैं थाल बजाओ रे, राजीव लोचन राम आज अपने घर आए और बोल सुवा राम राम मीठी मीठी वाणी रे जैसे अन्य भजनों को भी अवश्य पढ़ें और प्रभु की महिमा का गुणगान करें। जय श्री राम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile