यह भजन एक गहरी और भावुक भावनाओं का प्रतीक है, जिसमें भक्त श्रीराम से व्यक्तिगत रूप से एक बात कहने का अनुरोध करता है। इसमें भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि वह उनके मन की व्यथा और चाहत को समझें और एकांत में उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें। भजन में एक गहरी आत्मीयता है, जहाँ भक्त भगवान से केवल अपना दुख नहीं, बल्कि उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद की भी इच्छा रखता है। यह भजन भगवान श्रीराम के प्रति अपार प्रेम और श्रद्धा को व्यक्त करता है, जो भक्त के जीवन को सही दिशा देने में मददगार बनता है।
Shri Ram Se kah Dena ek baat Akele Me
श्री राम से कह देना,
एक बात अकेले में।
रोता है भरत भैया,
दिन रात अकेले में।
श्रीं राम से कह देना,
एक बात अकेले में।।
वन वासी गए वन में,
फिर भी तो यही मन में।
रटता हूँ राम रटना,
रटता हूँ राम रटना।
दिन रात अकेले में,
श्रीं राम से कह देना,
एक बात अकेले में।।
रो रो के बिताये है,
कई साल अयोध्या में।
आँखों से बहे आंसू,
आँखों से बहे आंसू।
दिन रात अकेले में,
श्रीं राम से कह देना।
एक बात अकेले में,
रोता है भरत भैया,
दिन रात अकेले में।।
इस राज की ममता ने,
भाई से विछोभ किया।
ये भेद किया माँ ने,
ये भेद किया माँ ने।
और भाई सोतेले ने,
श्रीं राम से कह देना।
एक बात अकेले में,
रोता है भरत भैया,
दिन रात अकेले में।।
है लक्ष्मण बडभागी,
रहता प्रभु चरणों में।
मुझे मौत नहीं आती,
मुझे मौत नहीं आती।
दुनिया के अँधेरे में,
श्रीं राम से कह देना।
एक बात अकेले में,
रोता है भरत भैया,
दिन रात अकेले में।।
श्री राम से कह देना,
एक बात अकेले में।
रोता है भरत भैया,
दिन रात अकेले में।
श्रीं राम से कह देना,
एक बात अकेले में।।
इस भजन से हमें यह समझने को मिलता है कि श्रीराम के प्रति हमारी श्रद्धा और प्रार्थनाएं हमारे जीवन में मार्गदर्शन और शांति ला सकती हैं। जैसे इस भजन में कहा गया है, श्री राम से कह देना एक बात अकेले में, वैसे ही हमें भगवान से अपनी भावनाओं को खुले दिल से व्यक्त करना चाहिए। राम के अन्य भजनों जैसे राम का नाम अमृत स्वरूप है और राम के बिना जीवन अधूरा है को भी आप जरूर पढ़ें, जिससे आपकी भक्ति और भी गहरी हो सके।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile