प्रभु श्रीराम केवल एक राजा या अवतार नहीं, बल्कि आनंद और मंगल के सागर हैं। हे आनंदघन मंगलभवन नाथ अमंगलहारी भजन हमें यह अनुभव कराता है कि उनके नाम का स्मरण मात्र से जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं और चारों ओर शुभता का संचार होता है। श्रीराम, जो स्वयं मंगलमय हैं, भक्तों के हर कष्ट को हर लेते हैं और उनके जीवन को सुख-समृद्धि से भर देते हैं। यह भजन हमें उनके चरणों में अटूट श्रद्धा रखने की प्रेरणा देता है।
Shri Anand Ghan Mangal Bhavan Nath Mangal Hari
हे आनंदघन मंगलभवन,
नाथ अमंगलहारी।
हम आए शरण तुम्हारी,
रघुवर कृपाल प्रभु प्रनतपाल।
अब राखो लाज हमारी,
हम आए शरण तुम्हारी।
हे आनंद घन मंगल भवन,
नाथ अमंगलहारी,
हम आए शरण तुम्हारी।।
तुम जैसा नहीं पतित उदाहरण,
पतित नहीं हम जैसा।
बिन कारण जो द्रवे दीन पर,
देव ना दूजा ऐसा।
हम है दीन तुम दीनबंधु,
तुम दाता हम है भिखारी।
श्री राम जय जय राम,
श्री राम जय जय राम।
हे आनंद घन मंगल भवन,
नाथ अमंगलहारी।
हम आए शरण तुम्हारी।।
दो अक्षर का नाम है,
राम तुम्हारा नाम।
दो अक्षर का भाव ले,
तुमको करे प्रणाम।।
यही सोचकर अंतर्मन पर,
लिख लिया नाम तुम्हारा।
राम लिखा जिन पाषाणों पर,
उनको तुमने तारा।
राम से राम का नाम बड़ा है,
नाम की महिमा भारी।
श्री राम जय जय राम,
श्री राम जय जय राम।
हे आनंद घन मंगल भवन,
नाथ अमंगलहारी,
हम आए शरण तुम्हारी।।
हे आनंदघन मंगलभवन,
नाथ अमंगलहारी।
हम आए शरण तुम्हारी,
रघुवर कृपाल प्रभु प्रनतपाल।
अब राखो लाज हमारी,
हम आए शरण तुम्हारी।
हे आनंद घन मंगल भवन,
नाथ अमंगलहारी,
हम आए शरण तुम्हारी।।
जब-जब भक्तों ने श्रीराम का सुमिरन किया, तब-तब उनके जीवन में आनंद और मंगल की वर्षा हुई। हे आनंदघन मंगलभवन नाथ अमंगलहारी भजन हमें सिखाता है कि हमें हर परिस्थिति में प्रभु श्रीराम का नाम लेकर आगे बढ़ना चाहिए। प्रभु श्रीराम की इस मंगलकारी महिमा को और अधिक अनुभव करने के लिए राम से बड़ा राम का नाम, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, राम नाम जप ले, एक यही संग जाई, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और श्रीराम की भक्ति में रम जाएं। जय श्रीराम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile