राम मिथला में आए कमाल हुई गवा लिरिक्स

राम मिथला में आए कमाल हुई गवा भजन श्रीराम के मिथिला आगमन को लेकर गाया जाता है, जिसमें उनके अद्भुत और दिव्य प्रभाव का जिक्र है। यह भजन उस समय की महिमा और भगवान श्रीराम के मिथिला में आगमन से जुड़ी घटनाओं को दर्शाता है। भजन में राम के आगमन को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है, जिससे मिथिला की धरती को आशीर्वाद और सुख की प्राप्ति हुई। इस भजन में उनके दिव्य रूप और आशीर्वाद की चर्चा करते हुए भक्तों का दिल राम के प्रति प्रेम से भर जाता है। यह भजन श्रीराम के प्रति श्रद्धा और आस्था को प्रकट करता है।

Ram Mithala Me Aaye Kamaal Huyi Gava

कमाल हुई गवा हो,
कमाल हुई गवा
राम मिथला में आए,
कमाल हुई गवा
दिल की बगिया खिलाये,
कमाल हुई गवा।।
1।।

जिस धनुष को बाणासुर,
भी छू न सका
जिस धनुष को दशानन,
डिगा न सका
जिस धनुष को बाणासुर,
भी छू न सका
जिस धनुष को दशानन,
डिगा न सका
एक पल में धनुष तोड़े,
कमाल हुई गवा।।
2।।

मिट गई पल में,
सीता की दुविधा बड़ी
बच गई पल में नृप की,
प्रतिष्ठा बड़ी
ब्याह सियावर कहाये,
कमाल हुई गवा।।
3।।

बड़ा भाग हम सभी का है,
सुन लो सखी
पुण्य बड़ा हम कमाया है,
सुन लो सखी
इनके दर्शन हम पाए,
कमाल हुई गवा।।
4।।

कमाल हुई गवा हो,
कमाल हुई गवा
राम मिथला में आए,
कमाल हुई गवा
दिल की बगिया खिलाये,
कमाल हुई गवा।।
5।।

राम मिथला में आए कमाल हुई गवा भजन भगवान श्रीराम के महिमा को बयां करता है और उनकी कृपा के बारे में गहराई से विचार करने को प्रेरित करता है। श्रीराम का जीवन और उनके भजन हमेशा हमें उनके दया और कृपा की याद दिलाते हैं। इसी प्रकार राम के गीत सुनाते चलो और राम नाम का अमृत पीले जन्म सफल हो जाएगा जैसे भजन भी श्रीराम के प्रेम और भक्ति में जीवन को समर्पित करने की प्रेरणा देते हैं। सभी भजन राम की महिमा को मन, वचन और क्रिया से स्वीकारने की एक गहरी भावना का आह्वान करते हैं। जय श्रीराम!

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