राम जैसा नगीना नहीं सारे जग की बजरिया में लिरिक्स

संसार में अनेक राजा, संत, और महापुरुष हुए हैं, लेकिन प्रभु श्रीराम जैसा कोई नहीं। राम जैसा नगीना नहीं सारे जग की बजरिया में भजन हमें इसी अद्वितीय सत्य से जोड़ता है कि श्रीराम केवल अयोध्या के राजा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के आधार हैं। उनका चरित्र, उनकी मर्यादा, उनकी भक्ति—सब कुछ अनुपम और अतुलनीय है। यह भजन हमें उनकी महानता का बोध कराता है और हमारे हृदय में उनके प्रति और अधिक श्रद्धा उत्पन्न करता है।

Ram Jaisa Nagina Nahi Saare Jag Ki Bajariya Me

राम जैसा नगीना नहीं,
सारे जग की बजरिया में
नीलमणि ही जड़ाऊँगी,
अपने मन की मुंदरियाँ मे
राम जैसा नगीना नही,
सारे जग की बजरिया में।।

राम का नाम प्यारा लगे,
रसना पे बिठाऊँगी मैं
मृदु मूरत बसाऊँगी,
नैनों की पुतरिया में
राम जैसा नगीना नही,
सारे जग की बजरिया में।।

है झूठे सभी रिश्ते,
और झूठे सभी नाते
दूजा रंग न चढ़ाऊँगी,
अपनी श्यामल चदरिया में
राम जैसा नगीना नही,
सारे जग की बजरिया में।।

जल्दी से जतन करके,
राघव को रिझाना है
कुछ दिन ही तो रहना है,
काया की कोठरिया में
राम जैसा नगीना नही,
सारे जग की बजरिया में।।

राम जैसा नगीना नहीं,
सारे जग की बजरिया में
नीलमणि ही जड़ाऊँगी,
अपने मन की मुंदरियाँ मे
राम जैसा नगीना नही,
सारे जग की बजरिया में।।

श्रीराम की महिमा अपरंपार है—उनकी कृपा से ही जीवन का उद्धार संभव है। राम जैसा नगीना नहीं सारे जग की बजरिया में भजन हमें याद दिलाता है कि संसार में कोई भी श्रीराम की भक्ति और उनके प्रेम से बढ़कर नहीं हो सकता। प्रभु की इस दिव्य महिमा को और गहराई से अनुभव करने के लिए मुझे राम श्री राम प्राणों से ज्यादा प्यारे हैं, राम बिना कुछ भाया ना, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे भजनों को भी पढ़ें और प्रभु राम की भक्ति में रम जाएं। जय श्रीराम! ????????

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