रघुनाथ के चरणों में दे दो जीवन की नाव रे भजन में भक्त श्रीराम के चरणों में शरण लेने की प्रार्थना करता है। यह भजन जीवन की कठिनाइयों से उबरने और श्रीराम की भक्ति में शांति की खोज को दर्शाता है। भक्त भगवान श्रीराम से निवेदन करता है कि जैसे जीवन के मार्ग में अनेक संकट आ सकते हैं, वैसे ही उन संकटों से मुक्ति पाने के लिए उन्हें श्रीराम के चरणों में आश्रय चाहिए। यह भजन आस्था और श्रद्धा से भरा हुआ है, जो हमें भगवान श्रीराम के प्रति हमारी भक्ति को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
Raghunath Ke Chranon Me De Do Jivan Ki Nav Re
रघुनाथ के चरणों में,
दे दो जीवन की नाव रे,
जो उनसे दया पाए,
तक़दीर संवर जाए।1।
विश्वास को तू अपने,
कभी खोने नहीं देना,
चरणों से अलग,
इस मन को कभी,
तुम होने नहीं देना,
सत छोड़ कुपथ पर तू,
कभी देना ना पाँव रे,
जो उनसे दया पाए,
तक़दीर संवर जाए।2।
जो भी ईश्वर की भक्ति में,
तन मन से लगा है,
पहरा करने उसका प्रभु,
हमेशा जगा है,
उसपे ना किसी का भी,
चलता है दाव रे,
जो उनसे दया पाए,
तक़दीर संवर जाए।3।
रघुनाथ के चरणों में,
दे दो जीवन की नाव रे,
जो उनसे दया पाए,
तक़दीर संवर जाए।4।
रघुनाथ के चरणों में दे दो जीवन की नाव रे भजन में हम देखते हैं कि भगवान श्रीराम के चरणों में जीवन का सच्चा सुख और शांति मिलती है। जैसे राम के भक्तो पे चढ़ गया राम नाम का पारा और राम राज ये आ गया भजन में श्रीराम के राज की महिमा का उल्लेख किया जाता है, वैसे ही इस भजन में भी उनकी कृपा से जीवन की नाव पार लगाने की बात की जाती है। श्रीराम के चरणों में शरण लेने से भक्त को न केवल भक्ति का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि वह जीवन के हर संकट से उबरने के लिए एक मजबूत आधार पाता है। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile