Na Ram Naam Lino Tene Bhari Jawani Me
ना राम नाम लीनो,
तेने भरी जवानी में…
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।
क्या लायो माटी में,
मिल जायगो माटी में,
एक दिन काया तेर,
कस जाएगी काठी मैं
पानी को बबूला है…
मिल जाएगो पानी में
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।
ना राम नाम लीनो,
ना कृष्ण नाम लीनो,
ना हरी नाम लीनो…
तेने भरी जवानी मैं,
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।
क्यो करता मेरा मेरा,
यहा कुछ भी नही है तेरा,
एक दिन होगा भैया ,
तेरा मरघट मे डेरा…
कुछ कमाई के ले जा रे,
कुछ कमाई नही पायो,
ऐसी जिंदगानी में,
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।
कर सच्ची भक्ति है,
भक्ति में शक्ति है
या भक्ति से भैया,
मिल जाएगी मुक्ति है…
तेने बाला पन खोयो
सारा जीवन खोयो
यू आना कानी मैं,
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।
ना राम नाम लीनो,
तेने भरी जवानी में…
तू डूब के मर जा रे,
चुल्लू भर पानी में।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile