जब जीवन के कठिन रास्ते हमें भटकाने लगते हैं, तब केवल एक ही सहारा बचता है – प्रभु श्री राम की शरण। मुझे अपनी शरण में ले लो राम भजन इसी भाव को दर्शाता है, जहां भक्त अपने समर्पण के माध्यम से राम जी से विनती करता है कि वे उसे अपनी शरण में ले लें और उसे सही मार्ग दिखाएं। यह भजन भक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है, जो हर भक्त के हृदय को छू जाता है।
Mujhe Apni Sharan Mein Le Lo Ram
मुझे अपनी शरण में,
ले लो राम ले लो राम।
लोचन मन में जगह ना हो तो,
जुगल चरण में ले लो राम।
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे।
ले लो राम ले लो राम।।
जीवन देके जाल बिछाया,
रच के माया नाच नचाया।
चिंता मेरी तभी मिटेगी,
जब चिंतन में ले लो राम।
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे।
ले लो राम ले लो राम।।
तुमने लाखों पापी तारे,
मेरी बारी बाज़ी हारे।
मेरे पास ना पुण्य की पूँजी,
पद पूजन में ले लो राम।
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।
घर घर अटकूं दर दर भटकूं,
कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं।
इस जीवन में मिलो ना तुम तो,
मुझे मरण में ले लो राम।
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।
मुझे अपनी शरण में,
ले लो राम ले लो राम।
लोचन मन में जगह ना हो तो,
जुगल चरण में ले लो राम।
ले लो राम,
मुझे अपनी शरण मे,
ले लो राम ले लो राम।।
प्रभु श्री राम की शरण में आकर हर भक्त को अनंत शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस भजन के माध्यम से हम अपने मन, वचन और कर्म को राम भक्ति में समर्पित कर सकते हैं। अगर आप प्रभु राम के और भजनों से अपनी भक्ति को गहराई देना चाहते हैं, तो भज राम सिया मनव , राम नाम प्यारा है राम नाम गाए जा और राम तेरे नाम से पानी में पत्थर तैर रहे जैसे भजनों को जरूर पढ़ें और राम भक्ति के इस दिव्य मार्ग पर आगे बढ़ें। जय श्री राम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile