मोरे मन में बसो श्रीराम यही तेरा मन्दिरवा भजन में भक्ति और प्रेम की गहरी भावना व्यक्त की गई है। इस भजन के माध्यम से भक्त श्री राम को अपने हृदय में बसाने की प्रार्थना करते हैं। यह भजन दर्शाता है कि भगवान राम का स्थान केवल मन्दिरों में नहीं, बल्कि हमारे मन और हृदय में होना चाहिए। यह भजन हमें आंतरिक शांति और श्रद्धा की ओर मार्गदर्शन करता है और यह समझाता है कि जब राम हमारे हृदय में बसे होते हैं, तो हमारा जीवन भी आनंदमयी और पूर्ण हो जाता है।
More Man Me Baso Shri Ram Yahi Tera Mandirava
जिनके चरणों में सारा जहान,
उन्हें मेरा वन्दनवा।
मोरे मन में बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
राम जन्म के कई है कारण,
हम नादां क्या गायें।
सुने जो मनसे नर अरु नारी,
जीवन धन्य बनाये,
कहे तुलसीजी बारम्बार।
लगालो अब मनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
विश्व मोहिनी नही मिली तब,
नारद श्रापित कीन्हो,
मनु शतरूपा ने श्रीहरि से।
पुत्र वचन लै लीन्हो,
लंका जन्मेंगे भानुप्रताप।
बनेंगे रावनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
नगर अयोध्या में दशरथ हैं,
कौशल्या महारानी,
गुरु सन विनय करी राजा ने।
सुतबिन गई जवानी,
ऋषि श्रृंगी करेंगे उपाय,
चहक उठे आँगनवा।
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
अवध अवतरेउ सब के स्वामी,
सन्तन के हितकारी,
उनकी हर इक लीला पे।
हम जाएं बलिहारी,
पितु मात मगन होइ जाएं।
करें जो नन्दनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
जिनके चरणों में सारा जहान,
उन्हें मेरा वन्दनवा।
मोरे मन में बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।
मोरे मन में बसो श्रीराम यही तेरा मन्दिरवा भजन भगवान राम के प्रति गहरी आस्था और समर्पण को व्यक्त करता है। यह भजन हमें बताता है कि राम का असली मन्दिर हमारे हृदय में है, और जब हम अपने मन को शुद्ध और निर्मल रखते हैं, तो हम भगवान राम की निकटता का अनुभव कर सकते हैं। जैसे राम को याद करें, जीवन सवर जाए, राम के बिना जीवन अधूरा है, और श्री राम की भक्ति से मिलती है आत्मा को शांति जैसे भजन भी यही संदेश देते हैं। इन भजनों के द्वारा हम राम की भक्ति के उच्चतम रूप को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile