Meri Rasana Se Prabhu Tera Nam Nikale
मन मंदिर में ज्योत जगाउंगी,
प्रभु सदा मैं तेरे गुण गाउंगी,
मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले,
मेरे रोम रोम से तेरा नाम निकले…
हर घड़ी हर पल राम राम निकले,
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,
हर घड़ी हर पल राम राम निकले।।
मेरे अवगुण चित्त से भुला देना,
मेरी नैया को पार लगा देना,
तेरी पूजा में जीवन तमाम निकले…
हर घड़ी हर पल राम राम निकले,
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,
हर घड़ी हर पल राम राम निकले।।
तेरी महिमा का सदा गुणगान करूँ,
तेरे वचनों का नित मैं ध्यान धरूँ,
तेरी भक्ति में सुबह और शाम निकले…
हर घड़ी हर पल राम राम निकले,
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकलें,
हर घड़ी हर पल राम राम निकले।।
मेरी रसना से प्रभु तेरा नाम निकले,
हर घड़ी हर पल राम राम निकले।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile