Meri Chhoti Si Hai Nav Tere Jaadu Bhare Paav
मेरी छोटी सी है नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव,
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में…
तुम हो सबके तारणहार,
कर दो मेरा बेड़ा पार,
सुनो मेरे सरकार,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।
इक पत्थर से बन गई नारी,
लकडी की है नाव हमारी,
चलता उससे रोजगार…
पालूँ मेरा परिवार,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में,
मेरी छोटी सी हैं नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव…
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।
इक बात मानो तो बैठालूँ,
तेरे चरणों की धूल निकालू,
अगर होवे मंजुर…
सुनो मेरे हुजुर,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी हैं नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव…
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।
बड़े प्रेम सहित पग धोता,
सब पाप जनम के खोता,
होवे मन में प्रसन्न…
करे राम दर्शन,
संग सीता लक्ष्मण,
आओ बिठाऊं मेरी नाँव में,
मेरी छोटी सी हैं नाव,
तेरे जादू भरे पॉंव…
मोहे डर लागे राम,
मैं कैसे बिठाऊँ मेरी नॉंव में।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile