ले चल अपनी नागरिया अवध बिहारी सांवरिया एक प्यारा और भावुक भजन है जो श्रीराम की नगरी अयोध्या को लेकर गाया गया है। इस भजन में भक्त श्रीराम से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह उन्हें अपनी नगरी अयोध्या में ले चलें, जहां उनका हर रूप दिव्य और सुखमय है। यह भजन न केवल भगवान राम के प्रति भक्त की श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है, बल्कि यह उस आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है जो हर भक्त अपने जीवन में भगवान के साथ करना चाहता है। पढ़ें और भगवान श्रीराम के साथ अपने आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत करें।
Le Chal Apni Nagariya Avadh Bihari Sanwariya
ले चल अपनी नागरिया,
अवध बिहारी सांवरिया…
अवध बिहारी सांवरिया,
लें चल अपनी नागरिया…
अवध बिहारी सांवरिया।।
सरयू के तीर अयोध्या नगरी,
सरयू के तीर अयोध्या नगरी…
संत भरे जहाँ गागरिया,
संत भरे जहाँ गागरिया…
अवध बिहारी सांवरिया,
लें चल अपनी नागरिया…
अवध बिहारी सांवरिया।।
कनक भवन सिया रघुवर राजे,
कनक भवन सिया रघुवर राजे…
देख भई मैं बावरिया,
देख भई मैं बावरिया…
अवध बिहारी सांवरिया,
लें चल अपनी नागरिया…
अवध बिहारी सांवरिया।।
ले चल अपनी नागरिया,
अवध बिहारी सांवरिया…
अवध बिहारी सांवरिया,
लें चल अपनी नागरिया…
अवध बिहारी सांवरिया।।
ले चल अपनी नागरिया अवध बिहारी सांवरिया भजन भगवान राम की नगरी अयोध्या में जाने और वहां के दिव्य दर्शन का आह्वान करता है। भगवान राम के और भजनों को पढ़ें और उनके चरणों में शरण लेकर अपनी जीवन यात्रा को और भी पवित्र बनाएं राम नाम जप ले एक यही संग जाई, राम सिया राम से नयनाभिरामा से कह देना मेरा प्रणाम, जरा चल के अयोध्या जी में देखो राम सरयू नहाते मिलेंगे, और राम के भजन बिना लग है ना पार। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile