भक्त का हृदय हमेशा प्रभु श्रीराम की कृपा का आकांक्षी रहता है। कब सुधि लोगे मेरे राम भजन उस भक्त की पुकार है, जो अपने जीवन के हर कष्ट और दुख में केवल श्रीराम का सहारा चाहता है। यह भजन हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, अगर हमारा मन प्रभु के चरणों में लगा है, तो देर-सवेर उनकी कृपा अवश्य प्राप्त होगी। यह भजन श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति और समर्पण को दर्शाता है।
Kab Sudhi Loge Mere Ram
कब सुधि लोगे मेरे राम।
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम।।
नित उठ भोर को।
डगर बुहारूं,
मैं तो राह निहारूं।
विरह के दिन मैं,
रो रो गुजारूं मैं तो।
तुझको पुकारूँ,
लोगे खबर कब राम।
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम।।
थक नैन भी,
मन को निराशा अब।
होने लगी है,
देर करो ना प्रभु।
धीरज भी अब,
खोने लगी है।
अब एक दिन भी लागे साल,
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में।
कब सुध लोगे मेरे राम।।
कब सुधि लोगे मेरे राम।
मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में,
कब सुध लोगे मेरे राम।।
प्रभु श्रीराम अपने भक्तों की पुकार कभी अनसुनी नहीं करते। कब सुधि लोगे मेरे राम भजन हमें धैर्य, श्रद्धा और समर्पण का संदेश देता है कि सच्चे मन से प्रभु को पुकारने वाले भक्त को कभी खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता। इस दिव्य अनुभूति को और गहराई से समझने के लिए राम से बड़ा राम का नाम, राम नाम जप ले, एक यही संग जाई, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और श्रीराम की भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्रीराम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile