धन्य वह घर ही है मंदिर जहाँ होती है रामायण लिरिक्स

जिस घर में श्रीराम की कथा गूंजती है, वह घर स्वयं एक पवित्र मंदिर बन जाता है। धन्य वह घर ही है मंदिर जहाँ होती है रामायण भजन हमें यह याद दिलाता है कि जहां रामायण का पाठ होता है, वहां स्वयं श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी वास करते हैं। रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम, त्याग और धर्म का सजीव स्वरूप है। जब इसे श्रद्धा और प्रेम से पढ़ा जाता है, तो घर में सुख, शांति और आध्यात्मिक समृद्धि का संचार होता है।

Dhany vah Ghar Ki Hai Mandir Jahan hoti hai Ramayan

धन्य वह घर ही है मंदिर
जहाँ होती है रामायण,
जहाँ होती है रामायण
जहाँ होती है रामायण,
धन्य वह घर ही हैं मंदिर
जहाँ होती है रामायण।।

यही है कर्म की कुंजी,
यही है धर्म की पूंजी
यही है धर्म की पूंजी,
महापतितों से पतितों के
महापतितों से पतितों के,
भी पाप धोती है रामायण
धन्य वह घर ही हैं मंदिर,
जहाँ होती है रामायण।।

यही है संतो की महिमा,
यही है विश्व की गरिमा
यही है विश्व की गरिमा,
मुक्ति का मार्ग दिखलाती
मुक्ति का मार्ग दिखलाती,
भजन ज्योति है रामायण
धन्य वह घर ही हैं मंदिर,
जहाँ होती है रामायण।।

धन्य वह घर ही है मंदिर,
जहाँ होती है रामायण
जहाँ होती है रामायण,
जहाँ होती है रामायण
धन्य वह घर ही हैं मंदिर,
जहाँ होती है रामायण।।

श्रीराम की कथा जिस घर में बसती है, वहां कल्याण, मंगल और ईश्वर की कृपा स्वतः ही बनी रहती है। धन्य वह घर ही है मंदिर जहाँ होती है रामायण भजन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने घरों में रामायण का पाठ करें और प्रभु श्रीराम की भक्ति में लीन हों। श्रीराम की इस कृपा को और अधिक अनुभव करने के लिए सब रस रंग भरे हैं रामायण जी में, राम से बड़ा राम का नाम, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, राम नाम का जप लूं राम भजनों को भी पढ़ें और अपने घर को मंदिर बना लें। जय श्रीराम! ????????

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