बोला प्रभु से यूँ केवट यह विनती है सरकार भजन भगवान श्रीराम के प्रति केवट की गहरी श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है। इसमें केवट अपनी दीन-हीन स्थिति से भगवान श्रीराम से मदद की विनती करता है, यह बताता है कि भगवान के पास न केवल शरणागत वत्सलता है, बल्कि वह हर भक्त की इच्छाओं को समझते हुए उसकी मदद करते हैं। इस भजन के माध्यम से, हमें यह संदेश मिलता है कि भगवान श्रीराम के चरणों में शरण लेने से जीवन में किसी भी मुश्किल का समाधान मिल सकता है।
Bola Prabhu Se Yu Kewat Yah Viniti Hai Sarkar
बोला प्रभु से यूँ केवट,
यह विनती है सरकार।
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
बिना चरण धोए मैं रामजी,
नाव में नही बिठाऊंगा।
बन जाए जो नाव यह नारी,
बिना मौत मर जाऊंगा,
मेरा नाव से घर चलता है।
क्या खाएगा परिवार,
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
राम भगत हूं राम आन,
दशरथ जी के जैसे करता।
मरना जीना दुख-सुख जो भी,
इनसे मैं नहीं डरता,
उतराई भी ना लूंगा।
मानूंगा मैं आभार,
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
हार गए भगवान भगत से,
अपना चरण धुलाते हैं,
धन्य है केवट पुष्प देवता।
अंबर से बरसाते हैं,
परिवार सहित केवट ने,
किया पितरों का उद्धार।
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
एक भगत परिवार में हो तो,
सारा कुल तर जाता है,
प्रभु से विमुख अधम जीवन।
धरती का भार बढ़ाता है,
शंभू जिस दिन आओगे।
क्या देखेगा यह संसार,
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
बोला प्रभु से यूँ केवट,
यह विनती है सरकार।
चरण धुलाओ राम जी,
जाना हो जो पार।।
यह भजन भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति का प्रतीक है। जैसे केवट ने श्रीराम से विनती की थी, वैसे ही हम भी भगवान श्रीराम के चरणों में अपने जीवन के हर दुःख और परेशानी को समर्पित कर सकते हैं। श्रीराम के अन्य भजनों, जैसे राम का नाम गुणगान करो, राम के बिना जीवन अधूरा है, और “राम जी के दरबार में, के माध्यम से हम उनकी उपासना को और भी गहरा कर सकते हैं। श्रीराम की भक्ति हमें जीवन के हर पल में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile