भगवा रंग चढ़ा है ऐसा और रंग ना भाएगा लिरिक्स

जब भक्ति का रंग चढ़ता है, तो फिर कोई दूसरा रंग आकर्षित नहीं करता। भगवा रंग चढ़ा है ऐसा और रंग ना भाएगा भजन इसी गहरे आध्यात्मिक सत्य को प्रकट करता है कि जो भक्त श्रीराम और सनातन धर्म के भगवा रंग में रंग जाता है, उसे फिर कोई अन्य आकर्षण नहीं लुभा सकता। यह भजन त्याग, भक्ति, और संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत करता है, जिससे मन, आत्मा और जीवन प्रभु श्रीराम के प्रेम में रंग जाता है।

Bhagava Rang Chadha hai aisa Aur Rang Na Bhayega

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा,
और रंग ना भाएगा
जय श्री राम के नाम का नारा,
घर घर से अब आएगा
अयोध्या की नगरी में अब,
केसरिया लहराएगा
केसरिया केसरिया म्हारो,
केसरिया केसरिया।।

मात्र भूमि के कण कण पर अब,
राम नाम लिखा जाएगा
भारत माता हर्ष रही है,
श्री राम घर आएगा
अयोध्या की नगरी में अब,
केसरिया लहराएगा
केसरिया केसरिया म्हारो,
केसरिया केसरिया।।

हनुमत को रंग ऐसा चढ़ा है,
राम नाम गुण गाएगा श्री
राम की जन्मभूमि पर,
स्वर्ण मंदिर बन जाएगा
अयोध्या की नगरी में अब,
केसरिया लहराएगा
केसरिया केसरिया म्हारो,
केसरिया केसरिया।।

दासमोहन श्री राम की,
माला जपते ही आएगा
विजय राव ओर सुनीता को,
भगवा रंग चढ़ जाएगा
अयोध्या की नगरी में अब,
केसरिया लहराएगा
केसरिया केसरिया म्हारो,
केसरिया केसरिया।।

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा,
और रंग ना भाएगा
जय श्री राम के नाम का नारा,
घर घर से अब आएगा
अयोध्या की नगरी में अब,
केसरिया लहराएगा
केसरिया केसरिया म्हारो,
केसरिया केसरिया।।

भगवा केवल एक रंग नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और भक्ति का प्रतीक है। भगवा रंग चढ़ा है ऐसा और रंग ना भाएगा भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम राम भक्ति में रंग जाते हैं, तो दुनिया के अन्य मोह फीके पड़ जाते हैं। श्रीराम की इस दिव्य अनुभूति को और गहराई से अनुभव करने के लिए राम से बड़ा राम का नाम, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए, राम नाम जप ले, एक यही संग जाई भजनों को भी पढ़ें और राम भक्ति में डूब जाएं। जय श्रीराम! ????????

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