बनाकर दास रख लेना अयोध्या धाम आए है

जब भगवान श्रीराम अपने भक्तों पर कृपा करते हैं, तो वे उन्हें अपना बना लेते हैं। बनाकर दास रख लेना अयोध्या धाम आए हैं भजन में यही भावना प्रकट होती है कि हम अपने आराध्य श्रीराम के चरणों में स्वयं को समर्पित कर दें। अयोध्या धाम में आने का सौभाग्य उन्हीं को मिलता है, जिन पर प्रभु की विशेष कृपा होती है। यह भजन हमें भक्ति, समर्पण और राम नाम की महिमा का बोध कराता है।

Banakar Das Rakh Lena Ayodhya Dham Aaye Hai

बनाकर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है,
सफल करले ये जीवन हम,
यही अरमान लाए है,
बना कर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है।1।

तेरी चौखट मेरा सर हो,
नहीं किसी दर पे जाऊं मैं,
करूं क्या ऐसा मैं भगवन,
तेरा दीदार पाऊं मैं,
तेरा दीदार पाऊं मैं,
यही अरमान दिल में लिए,
यही अरमान दिल में लिए,
प्रभु जी तेरे धाम आए है,
बना कर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है।2।

सुना है तुम हो वरदानी,
बनाते सबकी बिगड़ी हो,
मन इच्छा फल उन्हें देते,
भावना जिसकी जैसी हो,
भावना जिसकी जैसी हो,
दरस पाकर मैं तर जाऊं,
दरस पाकर मैं तर जाऊं,
जो लौ तुमसे लगाई है,
बना कर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है।3।

बनाकर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है,
सफल करले ये जीवन हम,
यही अरमान लाए है,
बना कर दास रख लेना,
अयोध्या धाम आए है।4।

श्रीराम का भक्त बनना सबसे बड़ा सौभाग्य है, क्योंकि जो भी सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, वे उसे अपने दास के रूप में स्वीकार कर लेते हैं। यदि यह भजन आपके मन में प्रभु श्रीराम के प्रति समर्पण की भावना जगा रहा है, तो आप राम जी के शरण में चले आइए, राम का गुणगान करिए , जन जन में श्री राम बसे संग पवन पुत्र हनुमान में, और छोड़कर सारे पागलपन राम गुण गा ले मेरे मन जैसे अन्य भजन और लेख भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

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