बधैया बाजे आँगने में श्रीराम जन्म भजन लिरिक्स

अयोध्या नगरी आनंद में डूबी है, दिशाएँ मंगल गीत गा रही हैं, क्योंकि स्वयं परमेश्वर श्रीराम ने जन्म लिया है! बधैया बाजे आँगने में, श्रीराम जन्म भजन हमें उस दिव्य क्षण की अनुभूति कराता है जब दशरथ नंदन प्रभु श्रीराम ने अवतार लिया। यह भजन हर्ष और उल्लास से भरपूर है, जो भक्तों के मन में आनंद और भक्ति की तरंगें उत्पन्न करता है। जब-जब यह मधुर ध्वनि गूंजती है, तब-तब ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं अयोध्या फिर से प्रभु राम के जन्म की खुशी मना रही हो।

Badhaiya Baje Angan Mein

बधैया बाजे आँगने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की,
तोड़त ताने रागने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

प्रेम भरी प्रमदागन नाचे,
नूपुर बाँधे पायने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

न्योछावर श्री राम लला जु,
नहिं कोऊ लाजत माँगने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

सियाअली यह कौतुक देखत,
बीती रजनी जागने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

बधैया बाजे आँगने में…
बधैया बाजे आँगने मे।।

श्रीराम जन्म का उत्सव संपूर्ण सृष्टि के लिए आनंद का स्रोत है, क्योंकि यह धर्म और न्याय की स्थापना का शुभारंभ है। बधैया बाजे आँगने में, श्रीराम जन्म भजन हमें इसी दिव्य प्रसंग की स्मृति कराता है और हमें प्रभु श्रीराम के चरणों में अटूट भक्ति रखने की प्रेरणा देता है। प्रभु राम के इस मंगल उत्सव का अधिक रसास्वादन करने के लिए राम सिया राम से नयनाभिरामा से कह देना मेरा प्रणाम, राम नाम का प्याला प्यारे पी ले सुबह-शाम, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और भक्ति के रंग में रंग जाएं। जय श्रीराम! ????????

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