Bade Bhagya Tune Beri Ke Ber Paye
बड़े भाग्य तूने बेरी के बेर पाए,
बड़े भाग्य तूने बेरी के बेर पाए…
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए।।
जिस रस्ते से राम जी आए,
शबरी वहां पर फूल बिछाए…
कहीं कांटे ना प्रभु जी को चुभ जाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए।।
आए जब श्री राम रमईया,
धन्य हुई शबरी की कुटिया…
रंग भक्तिन की भक्ति पर बरसाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए।।
खट्टे खट्टे बेर हटाती,
मीठे मीठे प्रभु को खिलाती,
नैनो से प्रेम सागर ये छलकाए…
मेरे प्रभु को नजरिया ना लग जाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए।।
बड़े भाग्य तूने बेरी के बेर पाए,
बड़े भाग्य तूने बैरी के बेर पाए…
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए,
तुझे चख चख के मेरे श्री राम खाए।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile