अवध में राम आए हैं, सजा दो घर को गुलशन सा भजन श्री राम के स्वागत में अवध की भूमि पर गूंजते जयकारों का सुंदर चित्रण करता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि जब भगवान श्री राम का आगमन होता है, तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में उल्लास और खुशियाँ फैल जाती हैं। श्री राम के स्वागत के लिए सभी को अपने घर को सजाने और जीवन को समृद्ध बनाने का आह्वान किया जाता है। इस भजन को सुनकर हमें भी अपने जीवन को राम के आदर्शों से सजाने की प्रेरणा मिलती है।
Awadh Me Ram Aaye Hai Saja Do Ghar Ko Gulsan Sa
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध में राम आए है,
अवध मे राम आए है।
मेरे सरकार आए है,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी।
अवध मे राम आए है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध मे राम आए है।।
पखारो इनके चरणों को,
बहा कर प्रेम की गंगा।
बहा कर प्रेम की गंगा,
बिछा दो अपनी पलकों को।
अवध मे राम आए है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध मे राम आए है।।
तेरी आहट से है वाकिफ,
नहीं चेहरे की है दरकार।
बिना देखें ही कह देंगे,
लो आ गए है मेरे सरकार।
लो आ गए है मेरे सरकार,
दुआओं का हुआ है असर,
दुआओं का हुआ है असर।
अवध मे राम आए है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध मे राम आए है।।
बुला लो सारे भक्तों को,
कोई भी छूट ना जाए,
बड़ा सौभाग्य होगा जो।
तेरे दर्शन को आ पाये,
तेरे दर्शन को आ पाये।
करो स्वागत सभी झुक कर,
अवध मे राम आये हैं।।
ये हर दिल की तमन्ना है,
तुम्हें महलों में हम देखें।
इन आँखों से मेरे रघुवर,
तेरे मंदिर को हम देखें,
तेरे मंदिर को हम देखें।
दुआओं का हुआ है असर,
अवध मे राम आये हैं।।
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध में राम आए है,
अवध मे राम आए है।
मेरे सरकार आए है,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी,
लगे कुटिया भी दुल्हन सी।
अवध मे राम आए है,
सजा दो घर को गुलशन सा,
अवध मे राम आए है।।
भगवान श्री राम के आगमन से हमारा जीवन रोशन होता है, और उनके भजनों के माध्यम से हम अपनी भक्ति को और प्रगाढ़ बना सकते हैं। इस भजन के साथ हम राम के नाम से सारा काम बन जाए, राम के चरणों में जीवन समर्पित कर, और राम रघुकुल नायक, जैसे अन्य भजनों को भी गाकर राम की महिमा में खो सकते हैं। भगवान श्री राम की कृपा से हमारा हर कार्य सफल और समृद्ध हो सकता है।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile