आज राम मेरे घर आए नी मैं उंचिया भागा वाली लिरिक्स

आज राम मेरे घर आए नी, मैं ऊँचिया भागा वाली इस भावमयी भजन में भक्त का वो अनुपम हर्ष झलकता है जब स्वयं प्रभु श्रीराम उनके द्वार पधारते हैं। मैं, पंडित सत्य प्रकाश, आपको इस भजन के माध्यम से उस दिव्य अनुभव से जोड़ने का आमंत्रण देता हूँ जहाँ एक साधारण भक्त अपने भाग्य को सराहते हुए प्रभु के स्वागत में मग्न हो जाता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जब श्रीराम कृपा करते हैं, तो हर घर अयोध्या बन जाता है।

Aaj Ram Mere Ghar Aaye Ni Main Unchiya Bhaga Wali

आज राम मेरे घर आए,
मेरे राम मेरे घर आए।।
नी मैं उंचिया भागा वाली,
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

नी मैं राह विच नैन बिछावा,
नाल चन्दन तिलक लगावा,
नी मैं रज रज दर्शन पावा।।
आज राम मेरे घर आये,
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

वो जग दा पालनहारा,
नाल दुनिया दा रखवाला,
वो सबदे दुःख मिटाए।।
आज राम मेरे घर आये,
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

नी मैं जिंदडी कोल कुवांवा,
नाल चख चख बेर खवावा,
वो हस हस खान्दा जाए।।
आज राम मेरे घर आये,
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

नी मैं हृदय दा थाल बनावा,
नैना दी ज्योत जलावा,
नी मैं आरति आप ही गावा।।
आज राम मेरे घर आये,
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

आज राम मेरे घर आए,
मेरे राम मेरे घर आए,
नी मैं उंचिया भागा वाली।।
मेरी कुटिया दे भाग जगाए,
आज राम मेरे घर आये।।

आज राम मेरे घर आए नी भजन श्रीराम जी के साक्षात आगमन का आभास कराता है और बताता है कि जिनके घर राम आते हैं, वे सचमुच ऊँचे भाग्यशाली होते हैं। ऐसे भावपूर्ण भजन न केवल मन को शुद्ध करते हैं, बल्कि रामभक्ति में स्थायित्व भी लाते हैं। आप श्रीराम जी की भक्ति को और गहराई से अनुभव करने के लिए मेरे घर राम आए हैं, राहों में फूल बिछाऊँगी जब राम मेरे घर आएंगे, पालकी सोने की मेरे राम प्रभु की आई और राजीव लोचन राम आज अपने घर आए जैसे भजनों को भी अवश्य पढ़ें और श्रीराम नाम का स्मरण करें। जय श्रीराम!

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