नारायण श्री नारायण भज ले रे मन नारायण

नारायण श्री नारायण भज ले रे मन नारायण भजन हमें यह स्मरण कराता है कि इस नश्वर संसार में केवल भगवान विष्णु का नाम ही सच्चा सहारा है। यह भजन हमें सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर श्रीहरि की भक्ति में मन लगाने की प्रेरणा देता है। जब हम श्रद्धा और प्रेम से नारायण का स्मरण करते हैं, तो हमारा हृदय आनंद और शांति से भर जाता है। आइए, इस दिव्य भजन के माध्यम से श्रीहरि की महिमा का गुणगान करें और उनकी शरण में आएं।

Narayan Shree Narayan Bhaj Le Re Man Narayan

ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो नारायणाय।
नारायण श्री नारायण, भज ले रे मन नारायण।
भवभय भंजन, जन मन रंजन, संकट मोचन, पाप विमोचन॥1॥

हठ योगी अपनी हठ साधे, मन को मारे, तन को बांधे।
हरी के मिलन की यह रीत नहीं, हरी के मिलन का एक ही साधन॥2॥

जीवन बलि दे कहे, पुजारे, पूरण होवे आस हमारी।
हिंसा से हरी दूर रहें हैं, दया अहिंसा हरि मन भावन॥3॥

मात पिता है नारायण, बंधू सखा है नारायण।
गुरु की विद्या नारायण, योग तपस्या नारायण॥4॥

नारायण श्री नाथ हरे,नाथ हरे श्री नाथ हरे।
नारायण श्री नारायण, नारायण श्री नारायण॥5॥

श्रीहरि का भजन करने से मन को परम शांति और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। नारायण श्री नारायण भज ले रे मन नारायण भजन हमें सिखाता है कि प्रभु का नाम ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि यह भजन आपको भक्ति से भर देता है, तो गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, श्री हरि विष्णु वंदना, अच्युतं केशवं, और नारायण नाम सुमिरन कर ले जैसे अन्य विष्णु भजनों को भी पढ़ें और करें, जिससे आपकी भक्ति और अधिक प्रगाढ़ हो सके। 🙏✨

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