शिव भक्ति के सुरों में डूबकर आत्मा को परम शांति का अनुभव होता है। मेरे भोले त्रिनेत्र वाले, मेरे भोले त्रिशूल वाले भजन महादेव की असीम महिमा का गुणगान करता है, जो भक्तों को उनके चरणों में समर्पण का अहसास कराता है। इस भजन के माध्यम से हम शिव शंकर की कृपा का आह्वान करते हैं।
Mere Bhole Trinetra wale mere Bhole Trishul wale
मेरे भोले त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।
मेरे भोले त्रिशूल वाले,
त्रिशूल वाले त्रिशूल वाले।।
तुम्हारा नाम भोले है।
गले सर्पो की माला है,
जटा से बह रही गंगा।
तू देवों में निराला है,
मेरे भोलें त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।।
तुम्हारे हाथ मे डमरू।
प्रभु डम डम डमाती है,
हमारे दिल में भक्ति की,
ये नित गंगा बहाती।
मेरे भोलें त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।।
जटोँ में चंद्रमा में धारे।
जो चम चम चमाता है,
तुम्हारा नाम शिव शम्भू।
तभी तो सबको भाता है,
मेरे भोलें त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।।
तेरे सुमिरन से मिलता है।
खजाना तेरी भक्ति का,
कहे ‘राजेन्द्र’ मिलता है।
तुम्ही से द्वार मुक्ति का,
मेरे भोलें त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।।
मेरे भोले त्रिनेत्र वाले,
मेरे भोले त्रिशूल वाले।
मेरे भोले त्रिशूल वाले,
त्रिशूल वाले त्रिशूल वाले।।
भोलेनाथ की भक्ति का रस अमृत तुल्य है, जो हर भक्त को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराता है। यदि आपको यह भजन अच्छा लगा, तो हर हर शंभू शिव महादेवा, महाकाल नाम जपिए झूठा झमेला और इतनी अर्जी है तुमसे मेरे भोलेनाथ जैसे अन्य भजनों का भी रसपान करें और शिव की महिमा में लीन हो जाएं।