मैं लड्डुवन का भोग हूँ लाइ… गणेश जी भजन

भगवान गणेश जी को मोदक और लड्डू अतिप्रिय हैं। भक्त जब प्रेम और श्रद्धा से उन्हें भोग अर्पित करते हैं, तो वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। मैं लड्डुवन का भोग हूँ, लाए गणेश जी भजन में गणपति बप्पा के प्रिय भोग है। इस भजन के माध्यम से हम बप्पा की आराधना कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आइए, इस भक्तिमय भजन को करें और गणपति बप्पा को प्रेमपूर्वक भोग अर्पित करें।

Main Laddavan Ka Bhog Hu Layi Ganesh Ji Bhajan

आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूँ लाइ,
लड्डुवन का भोग हूँ लाइ,
मोदक का भोग हूँ लाइ,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूँ लाइ।1।

तेरे शीश मुकुट मन मोहे,
कानो में कुण्डल सोहे,
तेरे गल फूलों का हार,
तेरी शोभा खूब बढ़ाई,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूं लाइ।2।

तुम हो चार भुजा धारी,
करो मूषक की असवारी,
तेरी जय जय हो सरकार,
मेरी बिगड़ी बात बनाई,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूं लाइ।3।

चांदी की चौकी बिठाऊँ,
तुझे माथे तिलक लगाऊं,
मेरी सेवा करो स्वीकार,
मेरे मन में ज्योत जगाई,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूं लाइ।4।

सुन दीनन के हितकारी,
तुम रखना लाज हमारी,
‘अर्चू’ आई तेरे द्वार,
तेरी सूरत मन में समाई,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूं लाइ।5।

आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूँ लाइ,
लड्डुवन का भोग हूँ लाइ,
मोदक का भोग हूँ लाइ,
आओ गणपति जी महाराज,
मैं लड्डुवन का भोग हूँ लाइ।6।

गणपति बप्पा की भक्ति से जीवन में आनंद और समृद्धि आती है। वे भक्तों के हर संकट को हर लेते हैं और उन्हें सफलता का आशीर्वाद देते हैं। गणेश जी की कृपा को और अधिक अनुभव करने के लिए “तेरे चूहे ने करे है कमाल, गणेश तेरे चूहे ने”, “गणपति देवा, मेरे गणपति देवा”, “हे गणपति दीनदयाल प्रभु, हमें शरण लगा लो तो जाने” जैसे अन्य भक्तिमय भजनों को भी करें और अपने मन को भक्तिरस से सराबोर करें। 🚩🙏

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