माँ तुम प्रेम की मूरत हो फ़िल्मी तर्ज भजन लिरिक्स

“माँ तुम प्रेम की मूरत हो” भजन माता रानी के उस अलौकिक प्रेम और करुणा का गुणगान करता है, जो संपूर्ण सृष्टि को अपनी ममता की छांव में रखती हैं। यह भजन भक्त और मां के अटूट प्रेम को दर्शाता है, जिसमें मां अपने भक्तों के हर दुख को हर लेती हैं और उन्हें सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। जब हम इस भजन को सुनते हैं, तो मन में अपार भक्ति उमड़ पड़ती है और मां की छवि हृदय में बस जाती है।

Maa Tum Prem Ki Murt Ho Filmi Tarj Bhajan Lyrics

ओढ़े है चुनर लाल,
बिंदिया सोहे है भाल,
क्या खूब सजा श्रृंगार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हो,
तुम प्रेम की मूरत हो।1।

तेरे माथे का टीका चमके,
टीके का माँ क्या कहना,
लिए हाथ पुष्प की माला,
गले पहने सुंदर गहना,
तेरी सूरत प्यारी मूरत,
तेरी सूरत प्यारी मूरत,
मैं देखूं बारम्बार,
ले हाथों में तलवार,
होकर के सिंह सवार,
माँ आ जाओ दरबार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हों,
तुम प्रेम की मूरत हो।2।

तेरा ऊंचा भवन निराला,
जले जगमग दीपक ज्वाला,
तेरे चरण पखारुं मैया,
दे दे चरणों में ठिकाना,
तेरी शक्ति को सब जाने.
महिमा को जग बखाने,
फिर आया मैं हर द्वार,
दुखड़ा सुनले इस बार,
मैं आता रहूँ हर बार,
कर दो मेरा उद्धार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हों,
तुम प्रेम की मूरत हो।3।

मेरा कर दो मैया मंगल,
तेरी सेवा करूँ मैं हरपल,
मुझे आज ही देना वर,
माँ मेरे मन मे मची है हलचल,
होगा जो एक इशारा,
होगा जो एक इशारा,
तर जाऊंगा मैं नादान,
करता मैं तेरा ध्यान,
निशदिन करता गुणगान,
भजनों की चले है बहार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हों,
तुम प्रेम की मूरत हो।4।

ओढ़े है चुनर लाल,
बिंदिया सोहे है भाल,
क्या खूब सजा श्रृंगार,
माँ तुम प्रेम की मूरत हो,
तुम प्रेम की मूरत हो।5।

मां का प्रेम हर जीव के लिए अमूल्य है, और उनकी भक्ति से ही जीवन में सच्चा सुख और संतोष प्राप्त होता है। यदि यह भजन आपको भक्तिरस में डुबो रहा है, तो आपको “हरपल करूँ मैं तेरा शुक्रिया माता” भजन भी अवश्य सुनना चाहिए, जो माता रानी के प्रति आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। आइए, प्रेममयी मां के चरणों में शीश झुकाएं और उनकी कृपा का अनुभव करें—जय माता दी! ????

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