आजा कबसे पुकारूँ तेरा नाम रे | Aaja Kabse Pukaru Tera Naam Re

आजा कबसे पुकारूँ तेरा नाम रे यह भजन एक भक्त की गहरी व्याकुलता को प्रकट करता है, जो अपने आराध्य श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए तड़प रहा है। जब मन बार-बार श्याम को पुकारे और उत्तर न मिले, तब भक्ति की परीक्षा होती है। यह भजन हमें प्रेम, समर्पण और विश्वास का मार्ग दिखाता है। जब तक हृदय में सच्ची पुकार होती है, तब तक श्याम अवश्य आते हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से अपने मन को कृष्ण प्रेम में डुबो दें और उन्हें पुकारें।

Aaja Kabse Pukaru Tera Naam Re

मेरे कृष्णा मेरे श्याम रे,
आजा कबसे पुकारूँ तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।1।

मथुरा में ढूंढा तुझको,
गोकुल मे ढूंढा,
उज्जैन जाके तेरे,
गुरुकुल में ढूंढा,
खोजत तुझको वर्षो गुजर गए,
फिर भी रहा नाकाम रे,
आजा कब से पुकारू तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।2।

सांवली सूरत को,
तरसे है अंखिया,
काटे कटे ना मेरी,
बैरन ये रतिया,
कोई जाए तो तुमको सुनाऐ,
मेरा ये पैगाम रे,
आजा कब से पुकारू तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।3।

सुना है आंगन है,
सुना जमाना,
दर दर फिरे है तेरा,
पागल दीवाना,
टूट गया हूँ मैं हार गया हूँ,
कोशिश करके तमाम रे,
आजा कब से पुकारू तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।4।

गमगीन आलम है,
उजडे चमन में,
दर्शन की चाहत,
लगी मेरे मन में,
छाई उदासी ‘रूपगिरी’ के,
दिल में आठो याम रे,
आजा कब से पुकारू तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।5।

मेरे कृष्णा मेरे श्याम रे,
आजा कबसे पुकारूँ तेरा नाम रे,
तेरा नाम रे,
ओ मेरे कृष्णा,
मेरे श्याम रे।6।

श्यामसुंदर अपने भक्तों की पुकार कभी अनसुनी नहीं करते, बस हमें धैर्य और प्रेम से उन्हें बुलाना होता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। यदि यह भजन आपके हृदय को छू गया, तो “श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, खाटू वाले श्याम तेरी जय हो , और “मेरे श्याम आओ ना” जैसे भजनों को भी अवश्य पढ़ें और कृष्ण भक्ति में खो जाएं। जय श्री श्याम! ????????

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