कोटि कोटि प्रणाम है गुरूवर आपके चरणों में लिरिक्स

गुरुदेव के चरणों में समर्पण ही सच्ची भक्ति का मार्ग है। जब हम विनम्रता से अपने गुरु को प्रणाम करते हैं, तो उनका आशीर्वाद हमें हर संकट से उबारता है और जीवन को धन्य बना देता है। “कोटि कोटि प्रणाम है गुरूवर आपके चरणों में” भजन इसी भाव को प्रकट करता है, जहां भक्त अपने गुरु के प्रति अपार श्रद्धा व्यक्त करता है और उनके चरणों में नमन करता है। जब हम इस भजन को पढ़ते या करते हैं, तो हमें गुरुदेव की कृपा और आशीर्वाद का गहरा अनुभव होता है।

Koti Koti Pranam Hai Guruvar Aapke Charno Me Lyrics

तीरथ है धाम है,
गुरुवर आपके चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम है,
गुरूवर आपके चरणों में।।

ईश्वर जिनकी महिमा का,
मानव बनकर गान करे,
जिनके अमृत वचनों का,
स्वयं देवता पान करे,
झुके राम और श्याम है,
गुरुवर आपके चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम हैं,
गुरूवर आपके चरणों में।।

लख चौरासी का बंधन,
गुरु तत्व ही काटता है,
माया और दुःख ले लेता,
सुख आनंद ही बांटता है,
कष्टों से विश्राम है,
गुरुवर आपके चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम हैं,
गुरूवर आपके चरणों में।।

बंद करूँ जब मैं आँखे,
गुरु चरणों का ध्यान रहे,
गुरु में देखूं शिव शक्ति,
गुरु चरणों में स्थान रहे,
ये विनती आठों याम है,
गुरुवर आपके चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम हैं,
गुरूवर आपके चरणों में।।

तीरथ है धाम है,
गुरुवर आपके चरणों में,
कोटि कोटि प्रणाम है,
गुरूवर आपके चरणों में।।

गुरुदेव के चरणों में सच्चा समर्पण करने से हर दुख और भ्रम दूर हो जाते हैं, और आत्मा को शांति मिलती है। यदि यह भजन आपको भक्ति और श्रद्धा से भरता है, तो “लिखने वाले तू होके दयाल लिख दे”, “मेरे गुरु ही गोविंद हैं दूसरा ना कोई”, “पगलिया पूजो रे गुरु जी का चंदन घोल घोल कर” और “नमो नमो रामा गुरु वंदन जगत जड़या मोहे काढ़ लिया” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करें।









Leave a comment