“कोई पिछले जनम के अच्छे करम मुझे बाबा तेरा प्यार मिला” भजन भक्त और गुरु के बीच के उस अद्भुत संबंध को व्यक्त करता है, जो केवल पूर्व जन्मों के पुण्यों से प्राप्त होता है। जब भक्त को अपने गुरुदेव का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता है, तो उसका जीवन कृतार्थ हो जाता है। यह भजन गुरु की कृपा को महसूस करने और उनके प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट करने का सुंदर माध्यम है।
Koi Pichhale Janam Ke Achhe Karam Mujhe Baba Tera Pyar Mila Lyrics
कोई पिछले जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
मुझे वो आली दरबार मिला,
कोईं पिछलें जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला।।
जग के झूठे नाते देखे,
देखा ना सच्चा प्यार कही,
जहाँ दिल को आकर चैन मिले,
है वो आली दरबार यही,
सतगुरु मुझको मिल गया ऐसा,
कोई हुआ ना होगा इस जैसा,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
मुझे वो आली दरबार मिला,
कोईं पिछलें जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला।।
कोई और हमें अब क्या देगा,
इस दर से जो मैंने जो पाया है,
जिसको तरसे जन्नत सारी,
मेरे सिर पर तो वो साया है,
रब रूप धार के आया है,
उनमे रब का दीदार मिला,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
मुझे वो आली दरबार मिला,
कोईं पिछलें जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला।।
श्रद्धा से जो तेरे दर बैठे,
उसने ही सबकुछ पाया है,
धन दौलत चरणों की दासी,
संसार भी फीकी माया है,
इनसे तो इनको ही मांगो,
ये मिले तो सब संसार मिला,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
मुझे वो आली दरबार मिला,
कोईं पिछलें जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला।।
कोई पिछले जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
जहाँ सारी दुनिया झुकती है,
मुझे वो आली दरबार मिला,
कोईं पिछलें जनम के अच्छे करम,
मुझे बाबा तेरा प्यार मिला।।
गुरु का स्नेह और मार्गदर्शन ही सच्ची दौलत है, और “कोई पिछले जनम के अच्छे करम मुझे बाबा तेरा प्यार मिला” भजन इस दिव्य एहसास को उजागर करता है। जो भक्त गुरु के चरणों में समर्पण भाव रखते हैं, वे सदा उनकी कृपा के पात्र बनते हैं। यदि यह भजन आपके मन को शांति देता है, तो “गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम”, “गुरुदेव की महिमा अपरंपार”, “सतगुरु तुम सागर, मैं मीना”, और “गुरुवर कृपा निधान” जैसे भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की महिमा का आनंद लें।