तू बाबा मुझे थाम ले भजन एक भक्त की गहरी प्रार्थना और समर्पण को दर्शाता है। जब जीवन के कठिन मोड़ पर कोई सहारा नहीं दिखता, तब भक्त अपने प्रिय खाटू श्याम जी को पुकारता है और उनकी शरण में जाने की इच्छा करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि श्याम बाबा सच्चे भक्तों को कभी निराश नहीं करते, वे हमेशा उन्हें संभालते हैं और सही राह दिखाते हैं।
Tu Baba Mujhe Thaam Le
मैं तो हार के आया तेरे द्वार
तू बाबा मुझे थाम ले
तू बाबा मुझे थाम ले
बहुत रुलाया मुझे इस संसार ने
दिया है दर्द मुझे अपनों के प्यार ने
अपनों के प्यार …..
तुम अपना बना लो एक बार
तू बाबा मुझे थाम ले….
बुझ गया दीपक भी अब तो उम्मीद का
अब तो उम्मीद का
तू है सहारा बाबा अब इस ग़रीब का
अब इस ग़रीब ….
तेरी रहमत का करूँ इंतज़ार
तू बाबा मुझे थाम ले
खाटू नरेश ऐसी करो करामात जी
करो करामात जी
काले की बिगड़ी जो बन जाये बात जी
बन जाये बात ….
तेरे चरणों में बैठा लाचार….
तू बाबा मुझे थाम ले
खाटू श्याम जी की भक्ति में जो सच्चे मन से समर्पित होता है, बाबा उसे कभी अकेला नहीं छोड़ते। “तू बाबा मुझे थाम ले” भजन हमें इसी अटूट विश्वास की अनुभूति कराता है। श्याम प्रेम और उनकी कृपा का अनुभव करने के लिए तेरी ज्योत जगाई है हमने, बाबा मैं हूँ दास तेरा, बधाई होवे जी, और मन में विश्वास है तो आएगा सांवरा भजन भी पढ़ें और श्याम जी की भक्ति में लीन हों।