थासु विनती कराहाँ बारंबार

भक्तों, जब मनुष्य हर ओर से हारकर, संसार के दुखों से थककर प्रभु के चरणों में विनती करता है, तो वह उसकी पुकार को अनसुना नहीं करते। श्याम बाबा का प्रेम और करुणा असीमित है, जो भी सच्चे भाव से उनके समक्ष प्रार्थना करता है, उसकी झोली कृपा से भर जाती है। आज हम जिस भजन थासु विनती कराहाँ बारंबार की चर्चा कर रहे हैं, वह भक्त की अटूट श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।

Thasu Vinati Karahan Barambar

था बिन नाथ अनाथ की जी,
कुण राखेलो टेक,
म्हासा थाके मोकला जी,
म्हासा थाके मोकला जी,
थासा तो म्हारे थे ही एक,
खाटू का राजा मेहर करो ।

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

जाणु हूँ दरबार में थारे,
घणी लगी है भीड़,
थारे बिन किस विध मिटेगी,
थारे बिन किस विध मिटेगी,
भोले भगत की या पीर,
खाटू का राजा मेहर करो ।

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

ज्यूँ-ज्यूँ बीते टेम हिये को,
छुट्यो जावे धीर,
उझलो आवे कालजो जी,
उझलो आवे कालजो जी,
नैणा सू टप-टप टपके नीर,
खाटू का राजा मेहर करो ।

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

साथी म्हारे जिव का थे,
थासे छानी ना,
जान बूझ के मत तरसावो,
जान बूझ के मत तरसावो,
हिवड़े से लेवो लिपटाए,
खाटू का राजा मेहर करो ।

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

ध्रुपद सुता की लज्जा राखी,
गज को काट्यो फंद,
सुणकर टेर देर मत किजो,
सुणकर टेर देर मत किजो,
श्याम बिहारी ब्रजचंद,
खाटू का राजा मेहर करो ।

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

थासु विनती कराहाँ बारंबार,
सुनो जी सरकार,
खाटू का राजा मेहर करो ॥

श्याम बाबा अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं, उनकी करुणा अनंत है। जब भी हम उन्हें सच्चे मन से पुकारते हैं, वह हमारी हर मनोकामना पूरी करते हैं। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “खाटू नगरी जो भी आया, बनते उसके काम हैं”, “महसूस होने लगी है कृपा, खाटू में जब से आने लगा हूँ”, “भरोसे हम तो बाबा के, जो होगा देखा जाएगा”, और “तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में लीन हो जाएं।

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