भक्तों, जब श्याम बाबा का हाथ हमारे सिर पर होता है, तब कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती, कोई भी संकट हमें डरा नहीं सकता। बाबा के होते हुए किसी भी हार का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि उनकी कृपा से हर असंभव कार्य भी संभव हो जाता है। आज हम जिस भजन तेरे होते मेरी हार कैसी होगी की चर्चा कर रहे हैं, वह बाबा श्याम के अटूट भरोसे और उनके अपार कृपा का वर्णन करता है।
Tere Hote Meri Haar Kaise Hogi
ज़ब गम का बादल छाता है
ना मन मेरा घबराता है
श्याम सहारा ज़ब सँग मे
फिर चिंता क्यों मुझे होंगी
तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होंगी
अब ना चिंता फ़िक्र मुझे
सावरिया तेरे होने से
अब ना डर लगता मुझको
सावरियां कुछ खोने से
हाथ तुम्हारा जब सर पे
फिर चिंता क्यों मुझे होंगी
मन करता हर रोज मेरा
बाबा खाटू आने को
दर आकर मेरे सांवरिया
दर्शन तेरा पाने को
नाम तुम्हारा ज़ब लब पे
फिर चिंता क्यों मुझे होंगी
प्रेमी इनके श्री चरणों मे
जो भी शीश झुकाता है
हर दिन हर पल हर ,घड़ी
तेरी दया वो पाता है
नाम तेरा लूँ हरपल मै
फिर चिंता क्यों मुझे होगी
श्याम बाबा का साथ होने पर जीवन में कोई भी हार स्थायी नहीं रहती, क्योंकि वे अपने भक्तों को कभी हारने नहीं देते। यह भजन हमें उनकी अपार कृपा और भरोसे की शक्ति का एहसास कराता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “भरोसे हम तो बाबा के, जो होगा देखा जाएगा”, “तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार”, “बड़ी दूर से चलकर आया हूँ”, और “खाटू नगरी जो भी आया, बनते उसके काम हैं” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं।