भक्तों, श्याम बाबा का दरबार स्वर्ग से भी सुंदर प्रतीत होता है। उनकी पीढ़ी पर बैठकर भक्तों को जो आनंद और शांति प्राप्त होती है, वह अनमोल है। बाबा की कृपा से खाटू नगरी में भक्तों को हर ओर दिव्यता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। आज हम जिस भजन तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों जिन देखकर मारो बाबा मनडो यों भर आयों की चर्चा कर रहे हैं, वह बाबा के दिव्य दरबार और उनकी अनुपम शोभा का गुणगान करता है।
Tera Peedhee Upar Baba Sono Bangalo Banayo Jin Dekhkar Maaro Baba Manado Yon Bhar Aayo
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों
जिन देखकर मारो बाबा मनडो यों भर आयों
पहली पीढ़ी चढ़ाने आया श्याम श्याम है गायो
दूजी पीढ़ी पर मेरा बाबा हाथ पकड़ ले आयो
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों….
तीजी पीढ़ी के पास पहुंचता ही भगता सारा मिलेगा
चौथी पीढ़ी पर मैं सोचूं भाग्य मेरा तो खिलगा
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों….
पांचवीं पीढ़ी थारी बाबा मन मेरे या भागी
छठी पीढ़ी पर मेरो बाबा बनता है सहभागी
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों….
सातवीं पीढ़ी पर मेरे बाबा सात जन्म सफल हो जावे
आठवीं पीढ़ी पर भक्तों मंदिर की घंटी सुन जावे
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों….
नवी पीढ़ी पर ओ मेरे बाबा नौलखा वारे
दसवीं पीढ़ी चढ़ता ही तो काल भी है टारे
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों…
ग्यारवी पीढ़ी पर मेरा बाबा धन भंडारा भर दे
बारवी पीढ़ी पहुंचता ही प्यारो सुख संपत्ति कर दे
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों..
तेरवी पीढ़ी पर जब आख्या बाबा से टकराव है
हंसकर मारो बाबो श्याम लकी ने गले लगाव है
तेरा पीढ़ी ऊपर बाबा सोनो बंगलो बनायों..
श्याम बाबा का दरबार प्रेम, श्रद्धा और भक्ति से सजा रहता है, जहाँ हर भक्त को अपार शांति और सुख की प्राप्ति होती है। यह भजन हमें उनकी दिव्यता और अनंत कृपा का अहसास कराता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “बैठे बैठे खाटू में ओ सांवरे”, “ये खाटू धाम है”, “खाटू में रंगों की बौछार”, और “सतरंगी मेला है आयो” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में रंग जाएं।