मिला न सहारा कोई तेरे द्वार आया

मिला न सहारा कोई तेरे द्वार आया भजन एक भक्त की गहरी भावनाओं और समर्पण को दर्शाता है। जब संसार के सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं और कोई सहारा नहीं दिखता, तब केवल श्याम बाबा का दरबार ही एकमात्र आसरा बनता है। यह भजन हमें सिखाता है कि श्याम जी अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते – जो भी सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, बाबा उसे अपनी कृपा से संवार देते हैं।

Mila Na Sahara Koi Tere Dwar Aaya

मेरे श्याम मुझको तो, जग ने रुलाया ।
मिला न सहारा कोई, तेरे द्वार आया ।।

खाटू की महिमा तो, जग से निराली-2
खाली हाथ लौटे नही, आये जो सवाली ,।
तीन बाण धारी तेरा, नाम जग में छाया,
तेरे द्वार आया

दुनिया तो नही बात, सुनती हमारी -2
तुम्ही श्याम सुन लो न, विनती हमारी ।
किस्मत का मारा बड़ी, आस लेके आया ।
तेरे द्वार आया ।

दुनिया के रिश्ते सभी, यार मतलब के -2
हारे का सहारा दु:ख, दूर करे सबके ।।
अपना बना लो मुझे, करो न पराया ।
तेरे द्वार आया ।

चरण से लगा लो बाबा, प्रीत करो मुझसे -2
तेरा द्वार छुटे ना तो, दूर रहूँ तुझसे ।।
विष्णु तेरा चरण चाकर, गुण तेरे गाया ।
तेरे द्वार आया ।

श्याम बाबा का दरबार उन सभी के लिए खुला है जो सच्चे मन से उनकी शरण में आते हैं। “मिला न सहारा कोई, तेरे द्वार आया” भजन हमें श्याम जी के अपार प्रेम और करुणा की अनुभूति कराता है। उनकी कृपा से जुड़ने के लिए मेरा श्याम खाटू वाला, अलूसिंह जी महाराज को नमन बार-बार, आया जनमदिन म्हारे श्याम का, और तू बाबा मुझे थाम ले भजन भी पढ़ें और श्याम जी की भक्ति में मग्न हों।

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