म्हारो श्याम बसे खाटु माहि भजन खाटू श्याम जी की पावन भूमि की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों को याद दिलाता है कि श्याम बाबा अपने दिव्य धाम खाटू में निवास करते हैं और जो भी सच्चे मन से उनके दर्शन करने आता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। खाटू की पावन रेत में श्याम प्रेम का अमृत बसा है, जहाँ हर भक्त को उनके साक्षात दर्शन का आनंद मिलता है।
Mharo Shyam Base Khatu Maahi
म्हारो श्याम बसे खाटु माहि, सालासर में बजरंगी,
राणी सती राज करे जी झुंझणु के माहि,
म्हारो श्याम बसे खाटू माहि…..
हे गौरी सूत देव गजानन, ‘देवारा सिरमौर है’-2
मरुधर में धाम बणायो, ‘प्यारो रणथंबोर है’-2 (ओ भक्तो रे)
गणपति ने पूजे दुनिया घर घर माहि….
ओ सावलींयो सेठ पियारो, ‘मण्डफिया विराजे है’-2
नाथद्वारा श्रीनाथ को, ‘मंदिर यो साजे है’-2 (लो देखो रे)
भक्ता रा काज सवारे संकटये माए….
परबत पे शाकम्बरी माँ, ‘गोरिया में जिण धाम’-2
दो जाटी बालाजी को, ‘प्यारो सो एक धाम’-2 (ओ भक्तो रे)
अंजनी माँ को लाल बिराजे मेहंदीपुर माहि….
रुणिचे रामदेवजी, ‘पीरा को पीर है’-2
पूनरासर में बजरंगी, ‘वीरा को वीर है’-2 (ओ सुण जो रे)
करणी माता दर्शन देवे बीकानेर माए….
गलता जी पूण्य तीरथ है, ‘पुष्कर में ब्रम्हा धाम’-2
प्यारी प्यारी राधा सागे, ‘जयपुर में राधेश्याम’-2 (ओ श्याम रे)
निशदिन रास रचावे बालू रेत माए….
धोरा री धरती माहि, ‘सतियो का राज है’-2
राणी सती ढांढण सती, ‘राखे माँ लाज है’ (ओ दादी जी)
खेमी सती धोलीं सती, राखे माँ लाज है,
हर्ष देवी देव बिराजे राजस्थान माए….
खाटू श्याम जी की महिमा अपरंपार है, और जो भी श्रद्धा से उनका नाम जपता है, वह कभी खाली नहीं लौटता। “म्हारो श्याम बसे खाटु माहि” भजन हमें उनके दिव्य धाम की ओर खींच ले जाता है। श्याम बाबा की कृपा और भक्ति का रस प्राप्त करने के लिए श्याम धणी की महिमा, खाटू वाले श्याम, श्याम से कर ले बातें चार, और मेरे श्याम का दरबार भजन भी पढ़ें और उनकी भक्ति में डूब जाएं।