भक्तों, फागण का महीना आते ही खाटू नगरी में भक्ति और उल्लास की लहर दौड़ जाती है। चारों ओर बाबा श्याम के जयकारे गूंजते हैं, और भक्त प्रेम व श्रद्धा से खाटू धाम की ओर खिंचे चले आते हैं। बाबा श्याम स्वयं अपने भक्तों को बुलाते हैं, और जो इस बुलावे को सुनकर खाटू आ जाता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। आज हम जिस भजन महिनो फागण को भाईड़ा बाबो श्याम बुलावे जी की चर्चा कर रहे हैं, वह इसी भक्ति और प्रेम भरे बुलावे को दर्शाता है।
Mahino Fagun Ko Bhaida Babo Shyam Bulave Ji
महिनो फागण को भाईड़ा बाबो श्याम बुलावे जी.. महिनो फागण
श्याम बुलावे जी बाबा री याद सतावे जी.. महिनो फागण को
ले हाथा म निशान श्याम को खाटू नगरी चाला जी
घुमर घाला चंग बजावा श्याम रिझावा जी.. महिनो फागण को
खीर चुरमा रो भोग लगाकर दर्शण थारा पावा जी
नाच नाचकर चंग बजावा भगत रिझावा जी.. महिनो फागण को
भगता की अर्जी है बाबा बारबार बुलाओ जी..
संदीप जोशी आसी थारा दर्शण पासी जी… महिनो फागण को
फागण मास बाबा श्याम की भक्ति का पर्व है, जिसमें हर भक्त उनकी कृपा में सराबोर हो जाता है। यह भजन हमें बाबा के प्रेम में डूबने और उनके पावन दरबार में शीश नवाने की प्रेरणा देता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “फागण मेला आया, बाबा बुला रहा, खाटू बुला रहा”, “आया फागण का त्योहार”, “खाटू में रंगों की बौछार”, और “सतरंगी मेला है आयो” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में रम जाएं।