खाटू वाले श्याम धनी को आलम्बाजार में धाम है

भक्तों, श्याम बाबा की महिमा अनंत है, उनका दरबार केवल खाटू धाम तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां भी उनके भक्त श्रद्धा से उन्हें स्मरण करते हैं, वहीं उनका दिव्य धाम बस जाता है। बाबा की कृपा किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है, वह अपने भक्तों को हर जगह आशीर्वाद देते हैं। आज हम जिस भजन खाटू वाले श्याम धनी को आलम्बाजार में धाम है की चर्चा कर रहे हैं, वह बाबा की सर्वव्यापकता और उनकी कृपा का गुणगान करता है।

Khatuwale Shyam Dhani Ka Alam Bajar Me Dham Hai

खाटू वाले श्याम धनी को

खाटू वाले श्याम धनी को आलम्बाजार में धाम है,
हाथों हाथ यो देव पर्चो और बनावे काम है…
कोलकाते में डंका बाजे… ओ
सारे जगत में डंका बाजे…

येसो प्यारा धाम है…

चारों कनी से सेवक आवे, सगला करे अरदास है,
एक बार में काम बनावे, सगला ने विश्वास है…
हारे हुए को है एक ही साथी, खाटू हालो श्याम है…
खाटू वाले श्याम धनी को…

ऊँच-नीच का भेद नहीं है, सगला उरे खास है…
मेह बाबा का… ओ बाबा म्हारो यो पक्को विश्वास है,
सब कोई आवे, शीश झुकावे, चरणा में प्रणाम है…
खाटू वाले श्याम धनी को…

तू ना सुन्यो तो कौन सुनेगो, और कटे में जावंगा…
मन की बात तन सुनावां, तेरा ही गुण गावा है…
मेरे मन में तू ही विराजे, जिभा पे तेरो नाम है…
खाटू वाले श्याम धनी को…

तू है तो सब पास है, वरना मैं तो अकेला हूं…
तुझको क्या-क्या बोलूं बाबा, क्या-क्या मैं तो झेला हूं…
पवन तेरे चरणों का चाकर, तेरी चौखट का गुलाम है…
खाटू वाले श्याम धनी को…

खाटू वाले श्याम धनी को आलम्बाजार में धाम है,
हाथों हाथ यो देव पर्चो और बनावे काम है…
कोलकाते में डंका बाजे… ओ
सारे जगत में डंका बाजे… येसो प्यारा धाम है…

श्याम बाबा अपने भक्तों के बीच हर स्थान पर विराजमान रहते हैं, फिर चाहे वह खाटू धाम हो या कोई और जगह। जहां भी उन्हें सच्चे मन से पुकारा जाता है, वहीं वे अपनी कृपा बरसाते हैं। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “खाटू नगरी जो भी आया, बनते उसके काम हैं”, “महसूस होने लगी है कृपा, खाटू में जब से आने लगा हूँ”, “तेरे भरोसे खाटू वाले रहता है मेरा परिवार”, और “भरोसे हम तो बाबा के, जो होगा देखा जाएगा” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में लीन हो जाएं।

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