श्याम बाबा का नाम स्मरण करना ही सच्ची भक्ति का प्रतीक है। खाटू श्याम तेरा नाम मैं पुकारूं सुबहो शाम भजन उसी गहरी आस्था को प्रकट करता है, जब एक भक्त दिन-रात अपने आराध्य का स्मरण करता है और उनके चरणों में लीन हो जाता है। यह भजन हमें बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण की अनुभूति कराता है।
Khatu Shyam Tera Naam Main Pukarun Subha Sham
हार गया हूँ, टूट गया हूँ,
मुझे लेना, तुम संभाल बाबा ।
तेरे बिना, इस जग में बोलो,
कौन सुने, मेरा हाल बाबा ॥
खाटू श्याम, तेरा नाम,
मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥
मैं, दर तेरे आया, लेकर, झोली खाली,
ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली ।
ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली…
मेरी मुश्किल, का कर इंतजाम,
बन जाए काम, खाटू श्याम…
खाटू श्याम, तेरा नाम,
मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥
सुना है तूँ, हारे का, सहारा श्याम जी,
कितनी, जिंदगीयों को, संवारा श्याम जी ।
आखिरी, उमीद मेरी, तूँ खाटू नरेश,
मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी ।
मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी…
तूँ मंजिल है, तूँ ही अंजाम,
बन जाए काम, खाटू श्याम…
खाटू श्याम, तेरा नाम,
मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥
शीश के, दानी तूँ सबका, दाता है प्रभु,
कलियुग का, राजा, कहा, जाता है प्रभु ।
तीन बाण, धारी मुझे, रस्ता दिखा,
पल पल, मन, घबराता है प्रभु ।
पल पल, मन, घबराता है प्रभु…
मेरे, दिल का, तूँ बन आराम,
बन जाए काम, खाटू श्याम…
खाटू श्याम, तेरा नाम,
मैं पुकारूं, सुबहो शाम ॥
दिल से, फरियाद, निकली है सरकार,
डूबती, नईया को तूँ, लगा दे उस पार ।
तेरी, चौखट पे तेरा, हो के आ गया,
तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार ।
तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार…
मेरा जग में, हो रोशन नाम,
बन जाए काम, खाटू श्याम…
खाटू श्याम, तेरा नाम,
मैं पुकारूं, सुबहो शाम
खाटू श्याम जी का नाम लेने से हर चिंता मिट जाती है और मन को असीम शांति मिलती है। यह भजन हमें उनकी कृपा का एहसास कराता है और उनकी भक्ति में रम जाने की प्रेरणा देता है। आप “श्याम नाम लेता जाओ”, “तेरी रे मर्जी खाटू वाले”, “हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा” और “खाटू वाले का दरबार निराला है” जैसे अन्य भजनों को पढ़कर अपनी भक्ति को और अधिक गहरा कर सकते हैं। जय श्री श्याम!