खाटू मै रंगों की बौछार

भक्तों, खाटू धाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि एक अनोखी भक्ति-भूमि है, जहाँ श्रद्धा, प्रेम और भक्ति की रंगीन फुहारें बरसती हैं। जब बाबा श्याम की कृपा बरसती है, तो भक्तगण रंगों की इस बौछार में भीगकर आनंद से झूम उठते हैं। आज हम जिस भजन खाटू में रंगों की बौछार की चर्चा कर रहे हैं, वह इसी आध्यात्मिक रंगोत्सव का वर्णन करता है। आइए, इस भजन के माध्यम से श्याम प्रेम के रंगों में रंग जाएं और उनकी भक्ति में सराबोर हों।

Khatu Mein Rango Ki Bauchhaar

खाटू नगर के बीच में बण्यों आपको धाम,
फाल्गुन शुक्ला मेला भरे जय जय बाबा श्याम

खाटू मै रंगों की बौछार है
नीले घोड़े पे आए सरकार है

फागुण का ये मेला कितना सुंदर सजा
प्रेम मेले में सांवरिया लुटाने लगा
अपने भक्तों को देते वरदान है
नीले घोड़े पे आए सरकार है

रंग होली का ये सांवरे को चढ़ने लगा
श्याम जी पे गुलाल अब उड़ने लगा
पिचकारी भर भर सब मारे है
नीले घोड़े पे आए सरकार है

प्रेमियों के संग मैं ये गुप्ता आने लगा
फूलों मै सांवरिया मेरा सजने लगा
इतरो से महके दरबार है
नीले घोड़े पे आए सरकार है

खाटू नगरी में बाबा श्याम की भक्ति का रंग चढ़ता है, तो हर भक्त उसमें रंगा नजर आता है। यह भजन हमें उनकी कृपा में सराबोर होने का निमंत्रण देता है। ऐसे ही अन्य भजनों जैसे “सतरंगी मेला है आयो , श्याम तेरी मोहनी मूरत , खाटू में घूँघरू बाजे“, और “श्याम नाम रस पिया रे” को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं।

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