खाटू धाम बुला मुझको भजन हर उस भक्त की भावना को व्यक्त करता है जो श्याम बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए आतुर है। खाटू धाम केवल एक स्थान नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का संगम है, जहाँ जाकर मन को शांति और आत्मा को सुकून मिलता है। जब कोई भक्त सच्चे हृदय से बाबा को पुकारता है, तो श्याम जी स्वयं उसे अपने धाम बुला लेते हैं। यह भजन हमें बाबा के प्रति अपनी प्रबल आस्था को और दृढ़ करने की प्रेरणा देता है। आइए, इस भजन को पढ़कर अपने मन में श्याम जी के दर्शन की अभिलाषा जगाएं।
Khatu Dham Bula Mujhko
हाथ जोड़कर अर्ज करूं, तू खाटू धाम बुला मुझको ।
अखियां कब से तरस रही, मैं जी भर देख सकूं तुझको ।।
जब से तेरी महिमा सुनी है, मेरे मन में प्यास जगी है ।
सुनकर तेरी दातारी, मुझको भी आस लगी है ।।
यह दुनिया जिसको ठुकराती, तू गले लगाता है उसको ।
अखियां कब से तरस रही, मैं जी भर देख सकूं तुझको ।।
तू फागुन के मेले में, इत्र गुलाल उड़ाता है ।
ढप-ढोलक की तानों पर, मस्ती धमाल मचाता है ।।
तेरे रंग में रंग जाऊं मैं भी, तू ऐसा रंग लगा मुझको ।
अखियां कब से तरस रही, मैं जी भर देख सकूं तुझको ।।
बाबा तेरे मंदिर में, लाखों का आना-जाना है ।
बस एक मैं ही सांवरिया, तू जिस से बेगाना है ।।
जो छोटी सी अर्जी ना सुने, क्यों लखदातार कहूँ तुझको ।।
अखियां कब से तरस रही, मैं जी भर देख सकूं तुझको ।।
तू माने या ना माने तुम्हें अपना मान लिया मैंने ।
तू मेरी बांह न थामे, तेरे चरणों को थाम लिया मैंने ।।
विष्णु ने जीवन की अपने, पतवार थमा दी है तुझको ।।
अखियां कब से तरस रही, मैं जी भर देख सकूं तुझको।।
श्याम बाबा का धाम हर भक्त के लिए प्रेम, आस्था और कृपा का केंद्र है। “खाटू धाम बुला मुझको” भजन हमें बाबा के चरणों में जाने की तड़प को महसूस कराता है। श्याम प्रेम और उनकी कृपा का अनुभव करने के लिए भक्तो ने झूला डाला झूले पे खाटू वाला, खाटू धाम का नया रूप, इसीलिए बाबा ने मेरे कीर्तन ये कराया है, और नैया चला रहा है मेरा श्याम खाटू वाला भजन भी पढ़ें और श्याम जी की भक्ति में डूब जाएं।