करली फागण की तैयारी

फागुन का महीना श्याम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह प्रेम, भक्ति और उल्लास का प्रतीक होता है। करली फागण की तैयारी भजन उस भक्तिपूर्ण उमंग को दर्शाता है, जब खाटू श्याम जी के प्रेमी उनके दरबार में होली खेलने और अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए उत्साहित होते हैं। यह भजन हमें बाबा श्याम की होली के रंग में रंग जाने का आमंत्रण देता है, जहाँ भक्ति का आनंद अपने चरम पर होता है।

Karli Fagan Ki Taiyari

कर ली फागण की तैयारी खाटू नगरी जाणा सै,
माहरे श्याम धणी के खाटू में जमकर के फाग बनाणा सै।

रिंग्स के उस मोड से बाबा श्याम निशान उठाएंगे,
तोरण द्वार पै ढोल बजेगा रंग गुलाल उड़ाएंगे,
नाचेंगे जी भर के सांवरा तन्ने भी गैल नाचाणा सै,
माहरे श्याम धणी के खाटू में जमकर के फाग बनाणा सै….।

ऐसी सजती खाटू नगरी सबका मन हषार्वे,
जो आवे इस मेले में उसे थारा रंग चढ़ जावे,
देखेगी या दुनिया सारी ऐसा रंग जमाणा से,
माहरे श्याम धणी के खाटू में जमकर के फाग बनाणा से….।

कोई नाचता आवे कोई पेट पलणिया आवे से,
श्याम के दर भक्तों का मेला दिन-दिन बढ़ता जावे से,
राधिका करें उसकी चाकरी जिसका जग यो दीवाना सै,
माहरे श्याम धणी के खाटू में जमकर के फाग बनाणा से……..।

खाटू श्याम जी की होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि प्रेम और भक्ति के रंगों की होती है, जहाँ हर भक्त उनके नाम में मग्न हो जाता है। यह भजन हमें उनकी अनंत कृपा का अनुभव कराता है और उनकी भक्ति में रम जाने की प्रेरणा देता है। श्याम प्रेम की इस भावना को और प्रगाढ़ करने के लिए आप “फागुन का मेला प्रेमियों से भर जाएगा”, “खाटू वाले का दरबार निराला है”, “तेरी रे मर्जी खाटू वाले” और “श्याम नाम लेता जाओ” जैसे अन्य भजनों को पढ़कर अपनी भक्ति को और गहरा कर सकते हैं। जय श्री श्याम!

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